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Ranchi/Bokaro: झारखंड के बोकारो जिले में हुए करोड़ों के अवैध वेतन निकासी घोटाले में CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में तैनात एएसआई अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुधवार को रांची की विशेष अदालत में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया। यह इस बहुचर्चित मामले में अब तक की तीसरी गिरफ्तारी है।
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साजिश का ताना-बाना और करोड़ों की हेराफेरी— अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि अशोक भंडारी मुख्य आरोपी और पूर्व में गिरफ्तार लेखापाल कौशल कुमार पांडेय का करीबी सहयोगी था। जांच में खुलासा हुआ है कि कौशल पांडेय के खाते से भंडारी के खाते में लगभग 50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इतना ही नहीं, भंडारी ने फर्जी कमान निर्गत कर टीए बिल (TA Bill) के जरिए साल 2020 से अब तक करीब 1.11 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की है।
SIT की रडार पर कई और नाम— आईजी पंकज कंबोज के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने अब तक के अनुसंधान में करीब 10 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की पुष्टि की है। इससे पहले लेखापाल कौशल पांडेय और होमगार्ड जवान सतीश कुमार सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है। सतीश के खाते में भी 1.06 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन मिले थे, जिसमें से 43 लाख रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं।
एसआईटी का दावा है कि जांच की रफ्तार बेहद तेज है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हर उस व्यक्ति तक पहुंचा जाएगा, जिसके खाते में अवैध राशि ट्रांसफर हुई है। सूत्रों की मानें तो एसपी कार्यालय के कई और कर्मचारी और अधिकारी जांच के घेरे में आ सकते हैं। सीआईडी ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के इस खेल में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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