अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
New Delhi: राजधानी दिल्ली में बुधवार को कूटनीति का एक नया अध्याय लिखा गया। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इक्वाडोर की अपनी समकक्ष गैब्रिएला सोमरफेल्ड से मुलाकात की, जो भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर आई हैं। यह मुलाकात सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि इसमें व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल कैपेसिटी बिल्डिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के बाद डॉ. जयशंकर ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इक्वाडोर ने भारत की पहल वाले ‘इंटरनेशनल सोलर अलायंस’ और ‘इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस’ में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। जयशंकर ने कहा कि “हां, क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग पर हुआ समझौता हमारी विकास साझेदारी की दिशा में एक बड़ा और ठोस कदम है।” इस दौरान दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर भी एक-दूसरे का सहयोग करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इससे पहले, विदेश मंत्री सोमरफेल्ड ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आईं सोमरफेल्ड की यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि हाल के वर्षों में भारत और दक्षिण अमेरिकी देशों के बीच संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में भी भारत की ओर से उच्च स्तरीय दौरे हुए थे, जहां खेती से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक विषयों पर सहयोग का खाका तैयार किया गया था। अब क्विटो में भारत के स्थायी दूतावास के उद्घाटन के साथ ही यह साफ हो गया है कि भारत, इक्वाडोर के साथ अपने रिश्तों को भविष्य की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

