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New Delhi: बीते 25 और 26 अप्रैल को पश्चिम-अफ्रीकी देश माली से दिल दहला देने वाली खबरें सामने आईं। अल कायदा से जुड़े खूंखार आतंकी संगठन जेएनआईएम और तुआरेग विद्रोहियों ने एक के बाद एक कई इलाकों को अपना निशाना बनाया। इन भीषण हमलों में माली के रक्षा मंत्री जनरल सादियो कामारा और उनके परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई है। इस दुखद समाचार के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए इन आतंकी हरकतों की कड़ी निंदा की है।
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर माली में हुए इन हमलों पर गहरा दुख प्रकट किया है। भारत ने मुश्किल की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों, वहां की सरकार और आम जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। रक्षा और पूर्व सैन्य कर्मियों के विभाग के मंत्री जनरल कामारा की मौत को भारत ने एक बड़ी क्षति बताया है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह साफ कर दिया है कि वह आतंकवाद के किसी भी रूप या प्रकार के खिलाफ माली के साथ मजबूती से खड़ा है।
मंत्रालय की ओर से कहा गया कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए अपना पूरा समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बीते कुछ वर्षों में माली पर हुआ सबसे बड़ा और संगठित हमला है। राजधानी बामाको और सोने की खदानों वाले इलाकों में एक साथ हमले कर आतंकियों ने भारी तबाही मचाई है, जिसके बाद से वहां तनाव और हिंसा चरम पर है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस स्थिति पर अपनी चिंता जाहिर की है। हां, पूरी दुनिया अब माली में बढ़ते आतंकवाद और असुरक्षा को लेकर अलर्ट पर है।
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