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नई दिल्ली | एजेंसी
देशभर में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू (Loo) के जानलेवा प्रकोप से अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 12 घंटों में मौसम में तेजी से बदलाव की भविष्यवाणी की है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और हवा के रुख में बदलाव के कारण अगले कुछ दिनों तक देश के 9 राज्यों में आंधी, बारिश और तूफान का दौर शुरू होने वाला है। यह मौसमी बदलाव जहां एक ओर झुलसाती तपिश से राहत दिलाएगा, वहीं तेज हवाओं और बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक चुनौतियां भी पेश कर सकता है।
भूमध्य सागर से आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस अब उत्तर भारत में सक्रिय हो चुके हैं। 27 अप्रैल की शाम से ही इनका असर दिखना शुरू हो जाएगा और 28 से 30 अप्रैल के बीच प्रभाव और तीव्र होगा। इस दौरान तेज गर्जना, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने नमी बढ़ा दी है, जो प्री-मानसून गतिविधियों का साफ संकेत है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत का हाल: राजधानी दिल्ली में मौसम दो चरणों में खेल दिखाएगा। दिन में पारा 45 डिग्री तक पहुंचकर पसीने छुड़ाएगा, लेकिन शाम होते ही 30 से 50 किमी की रफ्तार से धूल भरी आंधी और बूंदाबांदी राहत देगी। वहीं, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों में 28 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आएगी। बिहार के पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी जैसे जिलों में 60 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान, एमपी और पहाड़ी राज्यों की स्थिति: राजस्थान और मध्य प्रदेश में 29 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश और आंधी चलने से गर्मी का असर कम होगा। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान में लू का प्रभाव बना रह सकता है। दूसरी ओर, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना है, जिससे भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम और अरुणाचल में भारी बारिश का अलर्ट है, जो जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और आकाशीय बिजली से बचने की सलाह दी है।
सावधानी और प्री-मानसून अलर्ट: मौसम वैज्ञानिकों की राय
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव गर्मी से अस्थायी राहत जरूर देगा, लेकिन किसानों के लिए ओलावृष्टि चिंता का विषय बन सकती है। दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक में भी प्री-मानसून की फुहारें गिरने की उम्मीद है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है, इसलिए लोग पहले से ही अपनी तैयारियां पूरी रखें और यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतें।

