अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
रांची: झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक कांड ने एक बार फिर राज्य की चयन प्रक्रिया और युवाओं के भविष्य पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। इस मामले में गिरफ्तार किए गए 20 आरोपियों की जमानत याचिका पर गुरुवार को रांची के अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में अहम सुनवाई हुई। हालांकि, अदालत ने फिलहाल कोई भी राहत देने से इनकार करते हुए पुलिस से मामले की केस डायरी तलब की है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
विद्यार्थियों की दलील : साजिश में फंसाया गया
जमानत की गुहार लगाने वालों में सुनील कुमार, किशोर कुमार, सन्नी राम और शशिकांत समेत कुल 20 लोग शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश विद्यार्थी हैं। बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि इन छात्रों को एक गहरी साजिश के तहत फंसाया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि उन पर आपराधिक मुकदमा चलता है, तो उनका शैक्षणिक करियर पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने अदालत से मानवीय आधार पर राहत की अपील की है।
आधी रात को छापेमारी और 159 लोगों का जमावड़ा
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने बीते शनिवार (11 अप्रैल) की देर रात तमाड़ के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित मकान में सुनियोजित छापेमारी की थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहाँ भारी संख्या में अभ्यर्थियों को छिपाकर रखा गया है। मौके से पुलिस ने 152 पुरुष अभ्यर्थियों और 7 महिला अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया था। इनके साथ गिरोह के 5 सरगना भी धरे गए थे।
15-15 लाख की ‘डील’ और आंसर रटाने का खेल
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया गया कि पेपर लीक गिरोह के एजेंटों ने अभ्यर्थियों को एक सुरक्षित स्थान पर बंधक जैसी स्थिति में रखा था। उनके मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड पहले ही जमा करा लिए गए थे ताकि कोई सूचना बाहर न जा सके।
गैंग ने प्रत्येक अभ्यर्थी से 15-15 लाख रुपये में सौदा तय किया था। एडवांस के तौर पर कई अभ्यर्थियों ने गिरोह के सदस्यों के नाम पर बैंक चेक भी दिए थे। छापेमारी के वक्त गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों को चोरी-छिपे प्रश्न-पत्र के उत्तर रटा रहे थे। इस पूरे मामले को लेकर तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। फिलहाल, सभी आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं और अब सबकी निगाहें 20 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

