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रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सपने को साकार करने की दिशा में शनिवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) द्वारा संचालित राज्य के 82 मॉडल विद्यालयों में सत्र 2026–27 के लिए कक्षा 6 में नामांकन हेतु प्रवेश परीक्षा आज सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
60 केंद्रों पर दिखा कड़ा मुकाबला
राज्य भर के 19 जिलों में कुल 60 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चली इस परीक्षा में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। समय से पहले ही केंद्रों पर पहुँचे छात्र-छात्राओं के चेहरे पर न केवल आत्मविश्वास था, बल्कि एक बेहतर भविष्य की उम्मीद भी साफ़ झलक रही थी। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की देखरेख में आयोजित इस परीक्षा को पूरी तरह कदाचार मुक्त और शांतिपूर्ण रखने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए थे।
परीक्षा का पैटर्न और चयन प्रक्रिया
नामांकन के लिए आयोजित यह परीक्षा कुल 100 अंकों की थी, जो पूरी तरह से बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्नों पर आधारित थी। विषयों का चुनाव कुछ इस तरह किया गया ताकि विद्यार्थियों की तार्किक और शैक्षणिक क्षमता को परखा जा सके:
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अंग्रेजी: 30 अंक
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गणित: 30 अंक
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सामाजिक विज्ञान: 40 अंक
अब सभी की नजरें मेधा सूची (Merit List) पर टिकी हैं। इन 100 अंकों में प्राप्त प्रदर्शन के आधार पर ही मेधा सूची तैयार की जाएगी, जिसके बाद चयनित होनहारों को राज्य के प्रतिष्ठित मॉडल स्कूलों में दाखिला मिलेगा।
क्यों खास हैं ये मॉडल विद्यालय?
झारखंड के ये मॉडल स्कूल निजी स्कूलों की तर्ज पर अंग्रेजी माध्यम (CBSE पैटर्न के समकक्ष) से कक्षा 6 से 12वीं तक मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के उन प्रतिभाशाली बच्चों को मंच देना है, जो संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते हैं। यहाँ से पढ़कर निकलने वाले छात्र भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार किए जाते हैं। परिषद ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे सरकार की इस अनूठी पहल का हिस्सा बनें और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इन स्कूलों का लाभ उठाएं।

