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Health Desk: गर्मियों का पारा चढ़ते ही त्वचा संबंधी परेशानियां जैसे खुजली, लाल चकत्ते और दाने आम बात हो जाती हैं। तेज धूप, पसीना और धूल-मिट्टी के कारण त्वचा पर बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं, जिससे स्किन एलर्जी की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में सदियों पुराने घरेलू नुस्खे ‘नीम’ को सबसे असरदार माना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि नीम के पत्तों में मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीसेप्टिक गुण न केवल त्वचा को साफ रखते हैं, बल्कि संक्रमण से लड़ने में भी मदद करते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक, लोग खुजली और दाने जैसी समस्याओं के लिए नीम के पत्तों का उपयोग करते रहे हैं। पसीने की वजह से होने वाले रैशेज में नीम के पानी से स्नान करना या इसका काढ़ा पीना बेहद सहायक माना जाता है। हालांकि, गंभीर स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना ही उचित होता है, लेकिन शुरुआती लक्षणों में यह घरेलू उपाय काफी राहत पहुंचाता है।
नीम का काढ़ा बनाने की आसान विधि
नीम का काढ़ा तैयार करना बेहद सरल है। इसके लिए करीब 8 से 10 ताजे नीम के पत्तों को एक गिलास पानी में डालकर तब तक उबालें, जब तक कि पानी आधा न रह जाए। इसके बाद इसे छानकर हल्का गुनगुना होने पर पिया जा सकता है। माना जाता है कि खाली पेट इसका सेवन करने से शरीर के टॉक्सिंस (जहरीले तत्व) बाहर निकल जाते हैं और खून साफ होता है, जिसका सीधा असर चेहरे और त्वचा की चमक पर दिखाई देता है।
सावधानियां भी हैं जरूरी
नीम का उपयोग करते समय मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसकी अधिकता नुकसानदेह हो सकती है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए। यदि खुजली या एलर्जी गंभीर रूप ले रही हो, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से मिलना सुरक्षित रहता है। नीम के पानी से नहाना भी एक बेहतरीन विकल्प है, जिससे शरीर की अच्छी तरह सफाई होती है और दिनभर ताजगी बनी रहती है।
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