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रांची: राजधानी के पुंदाग ओपी क्षेत्र स्थित हाई-प्रोफाइल ‘सेल सिटी’ मंगलवार को एक बड़े हादसे का गवाह बना। ब्लॉक ई-1 के एक फ्लैट में लगी भीषण आग और उसके बाद हुए गैस सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। लेकिन इस डरावने मंजर के बीच एक 10-12 साल के बच्चे ने जो साहस दिखाया, उसने साबित कर दिया कि सूझबूझ और हिम्मत से मौत को भी हराया जा सकता है।
शॉर्ट सर्किट से शुरू हुआ तांडव
जानकारी के अनुसार, फ्लैट के मालिक अभिषेक राज और उनकी पत्नी, जो दोनों बैंक में कार्यरत हैं, अपनी ड्यूटी पर गए हुए थे। घर में उनके दो छोटे बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) अकेले थे। दोपहर के वक्त अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। घर में धुआं भरता देख बच्चे सहम गए, लेकिन इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, आग ने रसोई में रखे गैस सिलेंडर को अपनी चपेट में ले लिया। जोरदार धमाके के साथ सिलेंडर फट गया और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
नन्हे ‘रक्षक’ की जांबाजी
जब आग की लपटें फ्लैट को राख कर रही थीं, तब बड़े बेटे ने आपा नहीं खोया। उसने अपनी छोटी बहन का हाथ थामा और हिम्मत दिखाते हुए उसे सुरक्षित कमरे से बाहर निकाला। धुएं के गुबार के बीच रास्ता बनाते हुए वह तुरंत गार्ड के पास पहुंचा और मदद मांगी। बच्चों की इस सूझबूझ के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई और दोनों सुरक्षित बाहर आ गए।
राख हुआ आशियाना, सुरक्षित रहे नौनिहाल
धमाके की आवाज सुनकर सेल सिटी में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक घर का कीमती सामान, दस्तावेज और फर्नीचर जलकर पूरी तरह राख हो चुके थे। मौके पर पहुंचे हटिया डीएसपी पीके मिश्रा ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और बच्चों की बहादुरी की हर कोई प्रशंसा कर रहा है।
अभिषेक राज और उनकी पत्नी जब घर पहुंचे, तो मंजर देख सन्न रह गए, लेकिन अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर उनकी आंखों में आंसू छलक आए। यह घटना हमें याद दिलाती है कि घर में बच्चों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना कितना जरूरी है।

