अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का 14वां दिन राज्य की बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर केंद्रित रहा। शनिवार को सदन की कार्यवाही के दौरान जहाँ एक ओर खराब सड़कों के निर्माण ने सरकार को घेरे में लिया, वहीं दूसरी ओर जेलों के भीतर से संचालित होने वाले आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अत्याधुनिक जैमर तकनीक पर चर्चा हुई।
घटिया सड़क निर्माण पर संवेदक की खैर नहीं
रामगढ़ की विधायक ममता देवी ने गोला-मुरी रोड की बदहाली का मुद्दा बेहद आक्रामक ढंग से उठाया। उन्होंने सदन को बताया कि सड़क निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई है, जिसके कारण उद्घाटन के कुछ ही समय बाद सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। विधायक ने इसे जनता के पैसे की बर्बादी बताते हुए दोषी ठेकेदार (संवेदक) पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने घोषणा की कि विधायक की मौजूदगी में ही सड़क की गुणवत्ता की भौतिक जांच की जाएगी। साथ ही, बजट सत्र के समापन के तुरंत बाद एक विशेष जांच समिति का गठन किया जाएगा, जो निर्माण में हुई धांधली की रिपोर्ट सौंपेगी ताकि दोषियों को सजा दी जा सके।
जेल की दीवारों के पार नहीं जाएगी मोबाइल की ‘रेंज’
सदन में सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर ने जेलों में मोबाइल के अवैध इस्तेमाल पर सरकार को घेरा। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले सत्र में सरकार ने जेलों में 4G और 5G जैमर लगाने का वादा किया था, लेकिन अब तक इसकी जमीनी प्रगति क्या है?
विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने इस पर स्पष्ट जवाब देते हुए कहा कि राज्य की जेलों को सुरक्षित बनाने के लिए हाई-टेक जैमर लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जल्द ही प्रदेश की जेलों में 4G जैमर स्थापित कर दिए जाएंगे, जिससे कैदियों द्वारा मोबाइल नेटवर्क के दुरुपयोग पर पूरी तरह से रोक लग सकेगी। इस कदम से जेलों के भीतर से चलने वाले सिंडिकेट को तोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।

