अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
रांची: राजधानी रांची के समाहरणालय में आने वाले आम नागरिकों और सरकारी कर्मियों के लिए गुरुवार का दिन राहत लेकर आया। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय परिसर में नवनिर्मित 5 आधुनिक लिफ्ट का उद्घाटन कर उन्हें जनता को समर्पित किया। अब लोगों को विभिन्न मंजिलों पर स्थित दफ्तरों के चक्कर काटने के लिए सीढ़ियों की थकान नहीं झेलनी होगी।
‘सेल्फ रेस्क्यू’ तकनीक से लैस हैं लिफ्ट
इन लिफ्टों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुरक्षा प्रणाली है। अक्सर लिफ्ट में बिजली जाने पर अंदर फंसने का डर रहता है, लेकिन रांची समाहरणालय की ये नई लिफ्ट ‘सेल्फ रेस्क्यू’ (Self Rescue) तकनीक से लैस हैं। यदि अचानक बिजली गुल हो जाती है, तो लिफ्ट में लगी आपातकालीन प्रणाली खुद-ब-खुद सक्रिय हो जाएगी और लिफ्ट को सबसे नजदीकी फ्लोर तक पहुँचा देगी। इससे लिफ्ट के भीतर मौजूद लोग सुरक्षित बाहर निकल सकेंगे। ब्लॉक-A में 2 और ब्लॉक-B में 3 लिफ्ट शुरू की गई हैं। उपायुक्त ने बताया कि 3 और लिफ्टों का काम अंतिम चरण में है, जिन्हें जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी प्राथमिकता
उद्घाटन के दौरान उपायुक्त श्री भजन्त्री ने कहा कि समाहरणालय में प्रतिदिन हजारों लोग अपने काम लेकर आते हैं। नई लिफ्ट सुविधा से विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिलाओं को बहुत सुविधा होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन लिफ्टों के नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों में कोई कोताही न बरती जाए।
सभागार का भी हुआ कायाकल्प
लिफ्ट के साथ-साथ समाहरणालय के नए और नवीनीकृत सभागार (Auditorium) का भी निरीक्षण किया गया। अब यह सभागार पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिससे प्रशासनिक बैठकों और कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। समाहरणालय को हाई-टेक बनाने की यह पहल जिला प्रशासन की ओर से ‘इज ऑफ लिविंग’ (सुगम जीवन) की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विभागों के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

