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रांची: नगर निगम चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर सियासत की धुरी बदल दी है। शुक्रवार की सुबह से शुरू हुई रोमांचक मतगणना का अंत देर रात 12 बजे हुआ, जब जीत का सेहरा भाजपा समर्थित प्रत्याशी रोशनी खलखो के सिर बंधा। इस कड़े मुकाबले में रोशनी ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस समर्थित अनुभवी नेता रमा खलखो को 14,363 वोटों के अंतर से शिकस्त दी।
राउंड-दर-राउंड बढ़ता गया रोमांच
मतगणना के शुरुआती दौर से ही रोशनी खलखो ने अपनी बढ़त बनाए रखी थी। हालांकि, तीसरे राउंड के दौरान एक वक्त ऐसा आया जब रमा खलखो ने बढ़त लेकर भाजपा खेमे में थोड़ी बेचैनी बढ़ा दी थी, लेकिन अगले ही राउंड में रोशनी ने जबरदस्त वापसी की। पांच राउंड की पूरी मतगणना के बाद आधिकारिक आंकड़ों ने जीत पर मुहर लगा दी:
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रोशनी खलखो (विजेता): 1,57,669 मत
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रमा खलखो (उपविजेता): 1,43,306 मत
विपक्ष की ‘साजिश’ और भाजपा का ‘टॉनिक’
इस चुनाव को विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद भाजपा के लिए एक ‘टॉनिक’ के रूप में देखा जा रहा है। जीत के बाद केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने राज्य की वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे एक ‘साजिश’ बताया। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर पर रोशनी खलखो के नाम के बगल में एक अतिरिक्त ब्लॉक बनाकर मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश की गई, जिससे लगभग 35 हजार वोट रद्द हुए। इसके बावजूद, रांची की जनता ने रोशनी पर भरोसा जताया।
अन्य की जमानत जब्त, मुकाबला रहा ‘वन-टू-वन’
मेयर पद की इस दौड़ में कुल 11 प्रत्याशी मैदान में थे। लेकिन जब नतीजे सामने आए, तो रोशनी और रमा को छोड़कर बाकी सभी 9 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। इसमें जेएमएम समर्थित सुजीत विजय आनंद कुजूर को 19,305 वोट मिले, जिन्होंने कांग्रेस समर्थित रमा खलखो के वोट बैंक में सेंध लगाकर रोशनी की जीत की राह और आसान कर दी।
“यह जीत रांची के सवा दस लाख निवासियों की है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुशासन और विकास की राजनीति पर जनता की मुहर है। अब शहर के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।” — रोशनी खलखो, नवनिर्वाचित मेयर

