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रांची: राजधानी के कांके स्थित एशिया की एकमात्र सरकारी बेकन फैक्ट्री (Bacon Factory) के दिन अब फिर से बहुरने वाले हैं। विधानसभा में बजट के कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने घोषणा की कि सरकार इस ऐतिहासिक फैक्ट्री को पुनर्जीवित करने पर सक्रियता से कार्य कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि कभी यहाँ का ‘रैनबैक’ (Ranback) ब्रांड देश-दुनिया में मशहूर था और यहाँ के पोर्क उत्पाद, कबाब और सॉसेज नॉर्थ-ईस्ट के देशों तक निर्यात किए जाते थे।
आंकड़ों की बाज़ीगरी पर पलटवार
सदन में विपक्षी सदस्य नवीन जायसवाल द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग का खर्च संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि अब तक 67 प्रतिशत बजट राशि खर्च की जा चुकी है और वित्तीय वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा 80-90 प्रतिशत तक पहुँच जाएगा। उन्होंने विपक्ष के आंकड़ों को भ्रामक बताते हुए सरकार की उपलब्धियों को मजबूती से सामने रखा।
किसानों को सीधे खाते में मिला पैसा
कृषि मंत्री ने किसानों के हित में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि धान अधिप्राप्ति के तहत 21,800 किसानों को 10 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे UPI माध्यम से किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसपी (MSP) के साथ किसानों को दिए जाने वाले बोनस में बढ़ोतरी के लिए तैयार है, बशर्ते केंद्र सरकार का रुख सकारात्मक रहे। इसके अलावा, राज्य में ‘मिलेट मिशन’ और ‘महिला किसान सशक्तिकरण’ पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मछली पालन और डेयरी सेक्टर पर फोकस
मंत्री ने सदन को सूचित किया कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक देशी मांगुर (प्रतिबंधित प्रजाति) की बिक्री के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है और कई FIR भी दर्ज की गई हैं। पशुपालन के क्षेत्र में झारखंड लंबी छलांग लगा रहा है। वर्तमान में राज्य में प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, करंज तेल के उत्पादन के माध्यम से ‘ग्रीन इकोनॉमी’ को बढ़ावा देने की योजना पर भी काम चल रहा है।
सदन की कार्यवाही के दौरान इन महत्वपूर्ण घोषणाओं के बाद स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

