अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
रांची: झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गुरुवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और ज़िला स्तर पर गंभीर बीमारियों की जांच सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कई बड़े निर्णय लिए हैं। विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में तय किया गया कि राज्य के चार प्रमुख जिलों रामगढ़, गिरिडीह, देवघर और कोडरमा में जल्द ही एमआरआई (MRI) मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
मरीजों की जेब और समय पर नहीं पड़ेगा बोझ
अपर मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि जिलों में एमआरआई की सुविधा न होने के कारण मरीजों को मजबूरन राजधानी रांची या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे न केवल गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में इलाज में देरी होने से जान का जोखिम भी बना रहता है। उन्होंने बिल्डिंग कॉरपोरेशन को निर्देश दिया कि इन मशीनों को स्थापित करने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान : 20 जिलों में मैमोग्राफी
राज्य सरकार ने महिलाओं में बढ़ते स्तन कैंसर (Breast Cancer) के मामलों को गंभीरता से लिया है। इसके लिए 20 जिलों में मैमोग्राफी मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू करने का निर्देश दिया गया है। समय पर जांच होने से कैंसर जैसी बीमारी का शुरुआती दौर में पता चल सकेगा, जिससे इलाज की सफलता दर बढ़ेगी।
दिल के मरीजों के लिए खुलेंगे ‘कैथ लैब’
हृदय रोगियों के लिए भी एक बड़ी घोषणा की गई है। राज्य के पाँच मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब (Cath Lab) स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इससे हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव हो पाएगा और मरीजों को दूसरे राज्यों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज सहित स्वास्थ्य विभाग के कई आला अधिकारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग के इन कदमों से आने वाले समय में झारखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी राजधानी जैसी विशेषज्ञ जांच सुविधा मिल सकेगी।

