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रांची: स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के मानकों पर खरा उतरने के लिए रांची नगर निगम ने अब सख्ती का रास्ता अपना लिया है। नगर निगम के प्रशासक के कड़े निर्देश के बाद, 26 फरवरी 2026 को निगम की विशेष टीमों ने पूरे शहर में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निगम ने ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में 4,15,100 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला है।
चप्पे-चप्पे पर निगम की नज़र
निगम की विभिन्न टीमों ने आज शहर के अलग-अलग ज़ोन में स्वच्छता व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों पर डस्टबिन की उपलब्धता, अतिक्रमण और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल की जांच की। जांच के दायरे में केवल गंदगी ही नहीं, बल्कि यातायात प्रबंधन, फुटपाथ की स्थिति, नालियों और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, अवैध वेंडिंग, पार्किंग और अवैध होर्डिंग्स-पोस्टर भी शामिल रहे।
किस मद में कितना लगा जुर्माना
झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के तहत की गई इस कार्रवाई में सबसे अधिक गाज अवैध विज्ञापनों और अतिक्रमण करने वालों पर गिरी है। जुर्माने का विवरण इस प्रकार है:
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अतिक्रमण: शहर की सड़कों और फुटपाथों को घेरने वालों से 1,32,000 रुपये वसूले गए।
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अवैध विज्ञापन: बिना अनुमति होर्डिंग और पोस्टर लगाने वालों पर 1,22,000 रुपये का दंड लगाया गया।
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ट्रेड लाइसेंस: बिना लाइसेंस व्यापार करने वाले संस्थानों से 75,000 रुपये का जुर्माना लिया गया।
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डस्टबिन की कमी: डस्टबिन न रखने वाले दुकानदारों पर 47,000 रुपये की पेनाल्टी लगाई गई।
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कंस्ट्रक्शन वेस्ट (C&D Waste): निर्माण सामग्री और मलबा सड़क पर छोड़ने पर 22,000 रुपये जुर्माना लगा।
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अन्य: गंदगी फैलाने पर 15,000 रुपये, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर 2,000 रुपये और खुले में पेशाब करने पर 100 रुपये का चालान काटा गया।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं: प्रशासक
निगम प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शहर की स्वच्छता और व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासक ने कहा कि रांची को सुंदर बनाने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। निगम ने नागरिकों, दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे निर्धारित स्थान पर ही कचरा डालें और नियमों का पालन कर ‘स्वच्छ रांची’ के निर्माण में सहयोग करें।

