अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को निर्दलीय विधायक जयराम महतो ने राज्य की आर्थिक नीतियों और खनिज प्रबंधन पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि झारखंड कुदरती खनिजों की खान है, लेकिन विडंबना यह है कि यहाँ का कच्चा माल दूसरे राज्यों को समृद्ध कर रहा है, जबकि राज्य के युवा आज भी बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं।
कच्चा माल नहीं, उत्पादों पर हो जोर
जयराम महतो ने सदन में तर्क दिया कि झारखंड केवल लौह अयस्क और अभ्रक (Mica) का उत्पादक बनकर रह गया है। उन्होंने कहा, “हम कच्चा माल बाहर भेज देते हैं। अगर राज्य में ही प्रोसेसिंग प्लांट और वैल्यू एडिशन की व्यवस्था होती, तो यहीं स्टील और अन्य उत्पाद बनते। इससे न केवल राजस्व बढ़ता, बल्कि स्थानीय युवाओं को हजारों की संख्या में रोजगार मिलता।” उन्होंने झारखंड को ‘मैन्युफैक्चरिंग पावर हाउस’ बनाने की वकालत की।
घोषणाओं और धरातल के बीच का अंतर
विधायक ने शिक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि नेतरहाट की तर्ज पर रांची में आवासीय विद्यालय बनाने की घोषणा अब तक केवल कागजों तक सीमित है। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के बजट की सराहना तो की, लेकिन कृषि को उद्योग से जोड़ने और युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की जरूरत पर बल दिया। उनके अनुसार, बजट केवल आंकड़ों का पुलिंदा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था का स्पष्ट विजन होना चाहिए।

