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New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम 5 बजे नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करेंगे। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाला यह मेगा इवेंट न केवल तकनीक का प्रदर्शन होगा, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है। इस एक्सपो का मुख्य उद्देश्य एआई (AI) को आम नागरिकों की जरूरतों और पब्लिक सर्विस डिलीवरी से जोड़ना है।
ग्लोबल एआई हब बनेगा भारत मंडपम
70,000 वर्ग मीटर में फैले इस एक्सपो में दुनिया भर की तकनीक का संगम दिखेगा:
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अंतरराष्ट्रीय भागीदारी: ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी समेत 13 देशों के विशेष पवेलियन यहाँ अपनी तकनीक पेश करेंगे।
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स्टार्टअप्स का दम: 600 से अधिक स्टार्टअप्स वास्तविक दुनिया की समस्याओं के एआई आधारित समाधानों का लाइव प्रदर्शन करेंगे।
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विशाल आयोजन: 300 से अधिक प्रदर्शनी मंडप होंगे, जो ‘लोग, ग्रह और प्रगति’ (People, Planet, Progress) के विषयों पर केंद्रित होंगे।
विशेष अतिथि: फ्रांस के राष्ट्रपति का दौरा
इस समिट की वैश्विक अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी के साथ इसमें शामिल होने के लिए भारत आ रहे हैं। वे सोमवार देर रात दिल्ली पहुँचेंगे और 19 फरवरी को समिट के मुख्य सत्रों में हिस्सा लेंगे।
25 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद
आयोजकों के अनुसार, इस 5 दिवसीय कार्यक्रम में 25 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की संभावना है। 500 से अधिक सत्रों में 3,250 विशेषज्ञ एआई के बदलावकारी प्रभावों पर चर्चा करेंगे। भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता इसे मल्टी-मॉडल एआई सिस्टम विकसित करने के लिए एक अद्वितीय वैश्विक प्रयोगशाला बनाती है, जिसका प्रदर्शन इस एक्सपो में प्रमुखता से किया जाएगा।

