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Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी में हुए चर्चित अर्जुन शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने जो खुलासा किया है, उसने रिश्तों को तार-तार कर दिया है। पुलिस जांच में साफ हुआ है कि अर्जुन की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी सगी मां बीना शर्मा ने ही करवाई थी। करोड़ों रुपयों के लेन-देन और आपसी विवाद के चलते मां ने सुपारी देकर अपने ही बेटे को रास्ते से हटवा दिया।
एक महीने से हो रही थी रेकी, मां ने भेजी थी कार की फोटो
पुलिस के मुताबिक, विवाद के कारण अर्जुन अपनी मां से अलग किराए के मकान में रहता था। मां को भी उसकी सटीक लोकेशन पता नहीं थी, इसलिए उसने अर्जुन की कार की फोटो खींचकर शूटरों को भेजी थी। इस फोटो के आधार पर शूटर पिछले एक महीने से अर्जुन की रेकी कर रहे थे। आखिर में 11 फरवरी को जब अर्जुन टेनिस खेलकर लौट रहा था, तब तिब्बती मार्केट के पास उसे गोली मार दी गई। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से वह फोटो भी बरामद कर ली है।
40 करोड़ का खेल और ‘बेहोशी’ का नाटक
जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि बीना शर्मा की गैस एजेंसी से हर महीने 15-20 लाख की कमाई होती थी, लेकिन घर की स्थिति ठीक नहीं थी। पता चला कि बीना, विनोद उनियाल नामक व्यक्ति के प्रभाव में थी और अब तक करीब 40 से 42 करोड़ रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर चुकी थी।
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घटना के दिन जब अर्जुन को गोली मारी गई, बीना एजेंसी में ही मौजूद थीं। खबर मिलते ही वह बेहोश होकर गिर गईं, लेकिन अस्पताल में उनकी रिपोर्ट बिल्कुल नॉर्मल आई। यहीं से पुलिस का शक गहराया कि बीना बेहोशी का नाटक क्यों कर रही थीं। कड़ी पूछताछ के बाद उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
साजिश में शामिल थे राणा भाई
रुपयों के लालच में पंकज राणा और राजीव राणा ने अर्जुन की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। आरोपी पंकज राणा घटना के पहले और बाद में लगातार विनोद उनियाल के संपर्क में था। पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को रिमांड पर लिया है। जांच में यह भी पता चला कि बीना शर्मा ने अर्जुन के मैनेजर विजय से भी उसकी दिनचर्या की जानकारी जुटाई थी ताकि हत्या को अंजाम दिया जा सके।

