Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»India»असम वोटर लिस्ट में बड़ा फेरबदल: 2.43 लाख नाम कटे, मुस्लिम जिलों में बढ़े वोटर
India

असम वोटर लिस्ट में बड़ा फेरबदल: 2.43 लाख नाम कटे, मुस्लिम जिलों में बढ़े वोटर

By Samsul HaqueFebruary 12, 20262 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

Guwahati: असम में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को नई सूची प्रकाशित कर दी गई। इस बार की सूची कई मायनों में चौंकाने वाली है क्योंकि मसौदा सूची के मुकाबले कुल 2.43 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। यह राज्य की कुल मतदाता संख्या का लगभग 0.97 प्रतिशत है। निर्वाचन आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 35 जिलों में से 24 में मतदाताओं की संख्या घटी है, जबकि केवल 11 जिलों में इजाफा हुआ है।

मुस्लिम और आदिवासी इलाकों का अलग पैटर्न

आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करें तो एक खास जनसांख्यिकीय बदलाव नजर आता है। राज्य के अधिकांश मुस्लिम-बहुल जिलों में मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके ठीक उलट, बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) के पांच जिलों और तीन प्रमुख पहाड़ी आदिवासी जिलों में मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट आई है। इतना ही नहीं, गुवाहाटी शहर और कामरूप (मेट्रो) जैसे शहरी इलाकों में भी वोटर कम हुए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने बताया कि यह कटौती एक शुद्ध और त्रुटि-मुक्त सूची सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने काफी आक्रामक रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने इसे ‘केवल शुरुआत’ बताते हुए कहा कि आने वाले समय में और भी संदिग्ध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की वजह से ही संदिग्ध नामों की पहचान संभव हो पाई है। दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री के अपने निर्वाचन क्षेत्र ‘जलुकबाड़ी’ में भी 4,310 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 2.05 प्रतिशत है।

क्या होगा इसका राजनीतिक असर?

चुनाव आयोग का कहना है कि इस सघन पुनरीक्षण का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। हालांकि, आदिवासी क्षेत्रों में मतदाताओं की घटती संख्या और मुस्लिम बहुल जिलों में बढ़ती भागीदारी ने राज्य में एक नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया है। विपक्ष इस असंतुलन को लेकर सवाल उठा सकता है, जबकि सरकार इसे अवैध मतदाताओं के खिलाफ अपनी बड़ी कार्रवाई के रूप में देख रही है।

इस खबर को भी पढ़ें : वोटर लिस्ट का ये नियम बना बंगाल के सेक्स वर्कर्स लिए ‘काल’? जानें पूरा मामला

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

Liberty Bloc एप स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता का नया सशक्त मंच

May 10, 2026

जनशक्ति को नमन: शपथ ग्रहण मंच पर पीएम मोदी ने किया साष्टांग प्रणाम

May 9, 2026

बंगाल में सुवेंदु युग शुरू: मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, दिलीप घोष समेत 5 ने ली शपथ

May 9, 2026

RECENT ADDA.

प्राथमिकता के आधार पर क्षेत्र की समस्याओं का होगा समाधान : जोबा माझी

May 10, 2026

भालूटोली में ट्रक समेत 50 बोरा डोडा जब्त, अपराधी को नहीं पकड़ सकी पुलिस

May 10, 2026

झारखंड में अवैध बालू के ‘काले खेल’ पर लगाम की तैयारी, सैटेलाइट से होगी निगरानी

May 10, 2026

झारखंड में कुदरत के तेवर : अगले 48 घंटे भारी, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

May 10, 2026

झारखंड में बढ़ता क्राइम ग्राफ : हत्या के मामलों में नंबर वन बना प्रदेश

May 10, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.