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Interesting News: भारत समेत दुनिया के अधिकांश देशों में सरकार चलाने का मुख्य जरिया ‘इनकम टैक्स’ (Income Tax) होता है। लेकिन दुनिया के नक्शे पर कुछ ऐसे ‘पॉकेट’ भी हैं जहां के नागरिक अपनी कमाई का एक भी रुपया सरकार को टैक्स के तौर पर नहीं देते। यहां की जनता अपनी पूरी सैलरी घर ले जाती है। लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर जनता टैक्स नहीं देती, तो इन देशों की सड़कें, अस्पताल और स्कूल कैसे चलते हैं? आइए जानते हैं इन टैक्स-फ्री देशों के बारे में:
1. संयुक्त अरब अमीरात (UAE): टूरिज्म और तेल का जादू
इस लिस्ट में पहला नाम यूएई का आता है। यहां व्यक्तिगत आयकर (Personal Income Tax) शून्य है। यहां की इकोनॉमी का मुख्य आधार तेल का निर्यात और विश्व स्तरीय पर्यटन (Tourism) है। सरकार डायरेक्ट टैक्स के बजाय वैट (VAT) और बिजनेस फीस जैसे अप्रत्यक्ष करों से अपनी तिजोरी भरती है।
2. कुवैत, ओमान और बहरीन: तेल और गैस का विशाल खजाना
कुवैत के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं। तेल के निर्यात से होने वाली बेहिसाब कमाई की वजह से यहां की सरकार को जनता से टैक्स लेने की जरूरत ही नहीं पड़ती। वहीं बहरीन भी प्रत्यक्ष करों के बजाय स्टार्टअप्स और व्यवसायों को बढ़ावा देकर अपनी इकोनॉमी को रफ्तार देता है।
3. सऊदी अरब और कतर: संपन्नता की मिसाल
सऊदी अरब ने अपनी जनता को टैक्स के जंजाल से मुक्त रखा है। यहां भी मजबूत अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था और तेल सेक्टर अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। वहीं कतर दुनिया के सबसे अमीर देशों में गिना जाता है, जहां गैस और ऑयल सेक्टर इतना मजबूत है कि नागरिकों पर टैक्स का कोई बोझ नहीं है।
4. पर्यटकों की जन्नत ‘द बहमास’ भी लिस्ट में शामिल
वेस्टर्न हेमिस्फीयर का खूबसूरत देश ‘द बहमास’ भी अपने नागरिकों से टैक्स नहीं लेता। बहरीन, कुवैत और ओमान की तरह यहां की सरकार भी अन्य माध्यमों से राजस्व जुटाती है। इन देशों का मॉडल साबित करता है कि प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग और मजबूत बिजनेस पॉलिसी हो, तो बिना इनकम टैक्स के भी देश समृद्ध बन सकता है।
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