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Ankara (Turkey): मध्य पूर्व में युद्ध के बादल अब इतने घने हो गए हैं कि किसी भी वक्त बारूद के फटने की खबर आ सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि यूएसएस अब्राहम लिंकन के बाद अब एक और शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर ईरान की ओर रवाना हो चुका है। इस सैन्य हलचल ने ईरान के पड़ोसी देशों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। जहां संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब ने अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है, वहीं तुर्की ने भविष्य की ‘सबसे खराब स्थिति’ से निपटने के लिए एक गुप्त मास्टर प्लान तैयार किया है।
तुर्की का ‘बफर जोन’ प्लान
तुर्की के विदेश मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने संसद में बंद कमरे की बैठक में खुलासा किया है कि अगर अमेरिका के हमले से तेहरान की सरकार गिरती है, तो तुर्की, ईरान की सीमा के भीतर ही एक ‘बफर जोन’ बनाएगा। अंकारा को डर है कि युद्ध की स्थिति में लाखों ईरानी शरणार्थी उनके देश की ओर भाग सकते हैं। तुर्की चाहता है कि माइग्रेशन (विस्थापन) की इस लहर को ईरान की जमीन पर ही रोका जाए ताकि उसके अपने देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर असर न पड़े।
कंक्रीट की दीवार और हाई-टेक निगरानी
तुर्की ने ईरान के साथ अपनी 560 किमी लंबी सीमा को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार:
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380 किमी लंबी कंक्रीट की दीवार और 553 किमी लंबी खाइयां तैयार हैं।
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203 इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल टावर और जासूसी ड्रोन चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं।
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बॉर्डर पर सुरक्षा को ‘फिजिकल बैरियर सिस्टम’ के जरिए और मजबूत किया गया है।
ईरान में तबाही का मंजर
तुर्की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के भीतर चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों में अब तक करीब 4,000 लोग मारे जा चुके हैं और 20,000 से ज्यादा घायल हैं। इंटरनेट पिछले दो हफ्तों से बंद है और सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप हैं।
अमेरिका की ‘सटीक हमले’ की रणनीति
अमेरिकी खुफिया एजेंसियां अब ईरान के उन कमांडरों और अधिकारियों को चिन्हित कर रही हैं, जिन्हें प्रदर्शनकारियों की मौत का जिम्मेदार माना जा रहा है। अमेरिका की योजना अब केवल युद्ध की नहीं, बल्कि उन चेहरों पर सटीक हमले (Precision Strikes) करने की है जो वर्तमान सत्ता की धुरी हैं। ईरान की इस चौतरफा घेराबंदी ने पूरे मध्य पूर्व को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है।
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