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Kanpur (UP): नोटों की गड्डियां, चांदी की ईंटें और विदेशी करेंसी… यह कोई फिल्मी सीन नहीं बल्कि कानपुर के कलेक्टरगंज इलाके की हकीकत है। गुरुवार की रात जब पूरा शहर सो रहा था, तब पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और स्थानीय टीम ने धनकुट्टी स्थित रामकांत गुप्ता के घर पर धावा बोल दिया। छापेमारी में जो कुछ भी सामने आया, उसने बड़े-बड़े अधिकारियों के होश उड़ा दिए।
करोड़ों का ‘काला साम्राज्य’ बेनकाब
पुलिस ने इस छापेमारी में करीब 2 करोड़ रुपये कैश बरामद किया है। आलम यह था कि नोटों को गिनने के लिए मशीनों की मदद लेनी पड़ी। इसके साथ ही लगभग 62 किलो चांदी भी बरामद हुई है, जिसकी कीमत बाजार में करोड़ों में आंकी जा रही है। जांच में चौंकाने वाली बात यह रही कि यहां से भारतीय रुपयों के साथ-साथ नेपाली मुद्रा भी मिली है, जो इस सिंडिकेट के अंतरराष्ट्रीय तारों की ओर इशारा कर रही है।
सट्टा, हवाला और अवैध शेयर ट्रेडिंग का कॉकटेल
शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह केवल सट्टेबाजी तक सीमित नहीं था। यह एक संगठित नेटवर्क था जो क्रिकेट सट्टेबाजी, अवैध शेयर ट्रेडिंग और हवाला लेनदेन को एक साथ संचालित कर रहा था। पुलिस ने मौके से रामकांत गुप्ता सहित पांच लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए अन्य आरोपियों की पहचान राहुल जैन, शिवम त्रिपाठी, सचिन गुप्ता और वंशराज के रूप में हुई है।
आगरा के ‘हिस्ट्रीशीटर बुकी’ से कनेक्शन?
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क के तार आगरा के एक कुख्यात अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बुकी से जुड़े होने की आशंका है। पुलिस अब उन डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है, जो लैपटॉप, मॉडेम और दर्जनों मोबाइल फोन के जरिए ऑपरेट किए जा रहे थे।
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पुलिस का मानना है कि यह तो बस शुरुआत है। इस गिरोह के तार देश के कई अन्य राज्यों और विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं। कानपुर की गलियों में चल रहा यह हवाला का कारोबार आखिर कब से फल-फूल रहा था और इसके पीछे असली ‘आका’ कौन है, इसकी जांच हां और ना के बीच उलझी कड़ियों को सुलझाने में जुटी है।



