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India News: कानपुर में GRP ने मोबाइल चोरी के नेटवर्क को तोड़ते हुए अब तक की सबसे बड़ी सफलता पाई है। पुलिस ने 300 से अधिक चोरी या खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक है। इस कार्रवाई में 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनका संबंध बिहार के भागलपुर और झारखंड के जमशेदपुर से बताया जा रहा है।
कई राज्यों में छापेमारी
पुलिस को लंबे समय से ट्रेनों में मोबाइल चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर गंभीर कार्रवाई करते हुए GRP प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में 10 विशेष टीमें बनाई गईं। इन टीमों ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार और झारखंड में लगातार छापेमारी की। सर्विलांस टीम ने मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की, जबकि क्राइम ब्रांच ने चोरी के नेटवर्क का पता लगाकर गिरोह को पकड़ा।
हाई-एंड ब्रांड के मोबाइल भी बरामद
बरामद किए गए मोबाइल ज्यादातर सैमसंग, शाओमी, रियलमी और वनप्लस जैसे ब्रांड के हैं। इनमें मिड-रेंज से लेकर हाई-एंड मॉडल तक शामिल हैं। पूछताछ में पता चला कि चोर ट्रेन की भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरी और बैग स्नैचिंग करते थे। चोरी के बाद मोबाइल फोन स्थानीय ठिकानों पर जमा किए जाते और फिर अलग-अलग राज्यों में भेज दिए जाते थे।
संदिग्ध हिरासत में, गिरोह का खुलासा
छापेमारी के दौरान दिल्ली के सदर बाजार, बिहार के भागलपुर और झारखंड के जमशेदपुर से पकड़े गए 15 संदिग्धों से पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इनसे मिले सुराग के आधार पर चोरी के इस बड़े नेटवर्क का और खुलासा हो सकता है।
यात्रियों की सुरक्षा होगी मजबूत
GRP अधिकारियों के अनुसार, इस बड़ी बरामदगी से न केवल मोबाइल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। अब कानपुर सहित अन्य बड़े स्टेशनों पर निगरानी और सख्त कर दी जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

