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India News: नई दिल्ली और हरियाणा में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में व्यापक कार्रवाई की है। ईडी के गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने 30 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 के बीच इंदरजीत सिंह यादव से जुड़े कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई।
ईडी के अनुसार, इंदरजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों और उससे जुड़ी संस्थाओं पर अवैध वसूली, निजी वित्तीय संस्थानों के साथ जबरन लोन सेटलमेंट, हथियारों के दम पर धमकी देने और गैर-कानूनी गतिविधियों से कमीशन कमाने के गंभीर आरोप हैं। जांच हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से अधिक एफआईआर और चार्जशीट पर आधारित है।
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इन एफआईआर में हत्या, धोखाधड़ी, ठगी, जालसाजी और अन्य हिंसक अपराधों के आरोप शामिल हैं। ईडी का कहना है कि इंदरजीत सिंह यादव फिलहाल फरार है और यूएई से अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा है।
जांच में सामने आया है कि इंदरजीत सिंह यादव, मेसर्स जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड का मालिक और नियंत्रक है, जो ‘जेम्स ट्यून्स’ नाम से संचालित होती है। ईडी के मुताबिक यादव एक कुख्यात दबंग है, जो अवैध भूमि हड़पने, जबरन वसूली और निजी कर्ज मामलों में हिंसा के जरिए निपटारे कराने जैसे अपराधों में लिप्त रहा है।
छापेमारी के दौरान ईडी ने भारी मात्रा में अपराध की आय जब्त की। इसमें करीब 6.24 करोड़ रुपये नकद, लगभग 17.4 करोड़ रुपये के आभूषण, कई चेक बुक्स और करीब 35 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा 5 लग्जरी कारें, बैंक लॉकर, 17 लाख रुपये नकद और कई डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
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ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इंदरजीत सिंह यादव और उसके परिवार के सदस्यों ने अपराध से अर्जित धन से कई चल और अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इस मामले में ईडी ने उसके करीबी सहयोगी अमन कुमार को भी हिरासत में लिया है, जो कथित तौर पर अवैध धन को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहा था।
ईडी ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां तथा संपत्ति कुर्की की कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है।

