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India News: उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर कानूनी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। दिल्ली हाईकोर्ट से सेंगर को मिली जमानत के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल कर दी है।
सीबीआई ने दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा है कि दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश न्यायिक प्रक्रिया की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जमानत देना न केवल पीड़िता की भावनाओं को आहत करता है, बल्कि यह समाज में गलत संदेश भी भेजता है। 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की अपील लंबित रहने तक उसकी सजा को निलंबित करते हुए कुछ शर्तों के तहत जमानत प्रत्यायोजित की थी।
एक और मामले में जेल में ही रहेगा सेंगर
हालांकि राहत के बावजूद सेंगर जेल से बाहर नहीं आ पाएगा, क्योंकि वह एक अन्य सीबीआई केस में 10 साल की सजा काट रहा है। यह मामला उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों में से एक की हत्या से जुड़ा है। इसी कारण उसे तात्कालिक रिहाई नहीं मिलेगी।
2017 से जारी न्यायिक संघर्ष
2017 में सामने आए इस केस ने पूरे देश को झकझोर दिया था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद दिसंबर 2019 में दिल्ली की अदालत ने सेंगर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जनवरी 2020 में उसने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, लेकिन सीबीआई और पीड़िता पक्ष लगातार जमानत का विरोध करते रहे। अब सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई की यह अपील तय करेगी कि सेंगर को राहत जारी रहेगी या नहीं।
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