अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
World News: अमेरिका में स्वास्थ्य सेवाओं की महंगी लागत, डॉक्टरों की लंबी वेटिंग लिस्ट और मरीजों को मिलने वाली सतही चिकित्सा सलाह के कारण एक चौंकाने वाला नया चलन देखने को मिल रहा है। सर्वे के अनुसार, अमेरिकी अब पेशेवर डॉक्टरों को छोड़कर AI चैटबॉट्स का सहारा ले रहे हैं।
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में हर छह में से एक वयस्क और 30 वर्ष से कम आयु का हर चार में से एक युवा महीने में कम से कम एक बार स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए AI चैटबॉट्स का उपयोग कर रहा है।
सटीकता का भ्रम और जोखिम
लोग मानते हैं कि चैटबॉट्स डॉक्टरों की तुलना में अधिक विस्तार से और तुरंत जवाब देते हैं। लॉस एंजिलिस की 79 वर्षीय वेंडी गोल्डबर्ग का उदाहरण इसका स्पष्ट प्रमाण है, जिन्हें प्रोटीन की मात्रा पर डॉक्टर से सामान्य सलाह मिली, जबकि चैटजीपीटी से विस्तृत और संतोषजनक जवाब मिला।
हालांकि, विशेषज्ञ इसे सबसे बड़ा जोखिम मानते हैं। उनका कहना है कि चैटबॉट्स द्वारा दी गई विस्तृत और आत्मविश्वासपूर्ण भाषा अक्सर सटीकता का भ्रम पैदा करती है। एक अध्ययन में पाया गया कि AI-जनित मेडिकल उत्तरों का एक बड़ा हिस्सा गलत या आधा-अधूरा था, जिससे मरीज गलत निर्णय ले सकते हैं।
अनियंत्रित मेडिकल जोखिम
डॉक्टरों का मानना है कि पेशेवर चिकित्सा मार्गदर्शन के बिना AI का उपयोग बेहद खतरनाक हो सकता है। गलत दवा की सलाह, लक्षणों की गलत व्याख्या या प्रोटीन की मात्रा से जुड़ी गलत जानकारी मरीज की स्थिति को गंभीर रूप से बिगाड़ सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का आरोप है कि AI कंपनियाँ उपयोगकर्ताओं को इन जोखिमों के बारे में पर्याप्त चेतावनी नहीं देती हैं। चैटबॉट्स भले ही खुद को डॉक्टर न कहें, लेकिन उनकी आत्मविश्वासपूर्ण भाषा को लोग पेशेवर सलाह मान लेते हैं। यह चलन अनियंत्रित मेडिकल जोखिमों का कारण बन सकता है, खासकर तब जब भरोसेमंद और त्वरित जानकारी की कमी हो।

