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India News: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में परिचालन संकट आज सातवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को भी देश भर में 300 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गईं, जिसने दिल्ली, श्रीनगर, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों की मुसीबतें बढ़ा दीं। हालांकि, कंपनी प्रबंधन ने अब दावा किया है कि अगले तीन दिनों में यानी 10 दिसंबर तक उनका पूरा नेटवर्क स्थिर हो जाएगा।
एक दिन पहले 650 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने के बाद सोमवार सुबह 9 बजे तक भी दिल्ली से 134, बेंगलुरु से 62 और हैदराबाद से 39 फ्लाइट्स में रुकावट आई।
DGCA ने सीईओ को दिया अंतिम समय
इस गंभीर स्थिति के चलते, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो के सीईओ और अकाउंटेबल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे का अतिरिक्त समय दे दिया है। कंपनी प्रबंधन ने समय बढ़ाने का आग्रह किया था।
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि स्थिति हर दिन बेहतर हो रही है और 10 दिसंबर तक नेटवर्क स्थिर होने की उम्मीद है। इससे पहले कंपनी ने 10 से 15 दिसंबर तक सामान्य होने की बात कही थी।
₹610 करोड़ का रिफंड प्रोसेस हुआ
यात्रियों को राहत देने के लिए इंडिगो ने हालिया उड़ान संकट के दौरान ₹610 करोड़ के रिफंड प्रोसेस किए हैं और 3,000 यात्रियों का बैगेज भी वापस पहुँचा दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब सरकार ने एक दिन पहले रिफंड रविवार शाम 8 बजे तक पूरा करने और अलग हुए बैगेज 48 घंटे में यात्रियों को लौटाने का सख्त निर्देश दिया था।
संकट का कारण: पायलटों की कमी नहीं, ‘बफर स्टाफ’ की कमी
कंपनी प्रबंधन ने इस मौजूदा संकट की ‘रूट कॉज एनालिसिस’ कराने की बात कही है। एक अधिकारी ने बताया कि नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) व्यवस्था लागू होने के चलते क्रू प्लानिंग में ‘बफर की कमी’ संकट का प्रमुख कारण रही। उन्होंने स्पष्ट किया, “हमारे पास पायलटों की कमी नहीं है, बस अन्य एयरलाइनों जितना बफर स्टाफ नहीं था।”
इस बीच, संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति मामलों की समिति भी इंडिगो और डीजीसीए के अधिकारियों को तलब कर सकती है।

