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India News: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने शुक्रवार को एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए 1,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे पूरे देश में हवाई यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद सहित सभी बड़े हवाई अड्डों पर हजारों यात्री घंटों तक फंसे रहे। यात्रियों का गुस्सा काउंटरों पर फूटा, जहां सामान को लेकर झगड़े हुए और स्टाफ से बदसलूकी की खबरें भी सामने आईं। इस संकट की सबसे बड़ी मार दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पड़ी, जहाँ एक ही दिन में इंडिगो की सभी 235 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गईं।
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इस अफरा-तफरी के बीच, हवाई यात्री बड़ी संख्या में भारतीय रेलवे की शरण में पहुंचे। रेलवे ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए संकट की घड़ी में बड़ी राहत दी।
रेलवे ने महज घंटों में जोड़े 116 अतिरिक्त कोच
यात्रियों की बढ़ती भीड़ और मांग को देखते हुए, भारतीय रेलवे ने तुरंत एक्शन लिया। रेलवे ने महज कुछ घंटों के भीतर 37 महत्वपूर्ण ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच जोड़ने का फैसला किया। इस कदम से 114 अतिरिक्त ट्रिप्स संचालित हो सकेंगी। रेलवे के आकलन के अनुसार, प्रत्येक ट्रिप में लगभग 4,000 यात्रियों को जगह मिलेगी, जिससे कुल मिलाकर 4.89 लाख हवाई यात्रियों को वैकल्पिक राहत मिलेगी। यह विशेष व्यवस्था 6 दिसंबर से ही शुरू कर दी गई है। एक बार फिर, संकट की घड़ी में भारतीय रेलवे ने खुद को सबसे भरोसेमंद विकल्प साबित किया है।
इंडिगो का ‘सिस्टम रीबूट’ बना यात्रियों के लिए मुसीबत
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने एक वीडियो संदेश जारी कर इसे ‘सिस्टम रीबूट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम ऑपरेशन को फिर से पटरी पर लाने के लिए जरूरी था। कंपनी ने उड़ानें रद्द होने की वजह पायलटों की कमी, खराब मौसम, तकनीकी खराबी और नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों को बताया है।
खासकर नवंबर से लागू FDTL के दूसरे चरण में रात्रि ड्यूटी पर सख्ती बढ़ने से इंडिगो की कम तैयारी उजागर हो गई है। पायलट यूनियनों का आरोप है कि कंपनी लंबे समय से जानबूझकर कम स्टाफ रख रही थी, जिसका खामियाजा अब यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
जमीन पर राहत शून्य, यात्रियों की शिकायतें बढ़ीं
हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी का आलम यह था कि पुणे में 32, अहमदाबाद में 86 और मध्य प्रदेश के हवाई अड्डों पर 85 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं। इंडिगो ने रद्द टिकटों का पूरा रिफंड देने और 5 से 15 दिसंबर तक की बुकिंग पर कैंसिलेशन चार्ज न लेने का वादा किया है। प्रभावित यात्रियों के लिए होटल और सड़क परिवहन की व्यवस्था की घोषणा भी की गई है। लेकिन ज्यादातर यात्री शिकायत कर रहे हैं कि ये केवल कागजी घोषणाएं हैं, जमीन पर उन्हें कोई तत्काल राहत नहीं मिल रही है।
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इस बीच, डीजीसीए ने इंडिगो को रात्रि ड्यूटी नियमों से 10 फरवरी 2026 तक अस्थायी छूट दे दी है, लेकिन साप्ताहिक 48 घंटे अनिवार्य आराम के नियम में कोई रियायत नहीं दी गई है।

