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Social News: आज के युवाओं में ‘बॉडी बनाने’ का जुनून इस कदर हावी है कि वे इसके लिए अपनी जान जोखिम में डालने से भी नहीं कतरा रहे हैं। लुधियाना से सामने आया एक चौंकाने वाला खुलासा बताता है कि जिम जाने वाले कई युवा, तेज़ी से शरीर बनाने की चाहत में, अवैध रूप से जानवरों के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टेरॉइड और इंजेक्शन का सहारा ले रहे हैं।
इनमें मोनोफॉस्फेट जैसे इंजेक्शन शामिल हैं, जिन्हें सप्लिमेंट बेचने वाले बिना किसी अनुमति के 8,000 से 10,000 रुपये प्रति वॉयल में बेच रहे हैं। हालांकि इन पर स्पष्ट लिखा होता है कि ये हृदय की नसों को खोलने और ब्लड फ्लो को बढ़ाने के लिए हैं, लेकिन इनका दुरुपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है।
ऑर्गन डैमेज और नपुंसकता का बढ़ता खतरा
डॉक्टरों के अनुसार, कई बॉडी बिल्डर सिर्फ एक नहीं, बल्कि दो-तीन स्टेरॉइड्स का खतरनाक कॉम्बिनेशन ले रहे हैं। इसके परिणाम भयानक हैं। जांच में पाया गया है कि इन युवाओं में एसजीओटी (SGOT) और एसजीपीटी (SGPT) का स्तर बढ़ा हुआ होता है, जो लीवर की क्षति का संकेत है। चिंताजनक बात यह है कि किडनी, लीवर डैमेज होने के अलावा हार्ट अटैक और नपुंसकता के मामलों में भी तेज़ी आई है।
एक 19 वर्षीय लड़के की कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है। जिम शुरू करने के बाद उसने बिना किसी सलाह के एएमपी (AMP) इंजेक्शन लेना शुरू कर दिया। महज 22 साल की उम्र में उसका क्रेटानीन लेवल 6 आया, जिससे पता चला कि उसकी किडनी डैमेज हो चुकी है और तुरंत डायलिसिस शुरू करना पड़ा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2024 में 156 से अधिक दवाइयों और उनके कॉम्बिनेशन (जिसमें एडेनोसाइन ड्रग भी शामिल है) की बिक्री पर पाबंदी लगा रखी थी। इसके बावजूद, सप्लिमेंट विक्रेता इनकी अवैध बिक्री कर रहे हैं। असिस्टेंट कमिश्नर (ड्रग्स) अमित दुग्गल ने कहा है कि ड्रग और फूड सेफ्टी विभाग के साथ मिलकर चेकिंग करवाई जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

