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India News: दिल्ली और एनसीआर में इन दिनों मौसम किसी राहत का नाम नहीं ले रहा। एक ओर कड़ाके की ठंड दस्तक दे चुकी है, दूसरी ओर हवा फिर से इतनी खराब हो गई है कि लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। गुरुवार सुबह हवा की गुणवत्ता में अचानक गिरावट दर्ज की गई और कई इलाकों में AQI 400 के पास पहुँच गया।
वजीरपुर और बवाना फिर गंभीर श्रेणी में
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, वजीरपुर और बवाना सबसे ज़हरीले इलाकों के रूप में सामने आए, जहां AQI क्रमशः 404 और 403 दर्ज हुआ। दोनों जगहों पर सुबह के समय धुंध और स्मॉग की मोटी परत छाई रही, जिससे सांस लेने में तकलीफ बढ़ गई।
दूसरे इलाकों में भी हालात बेहतर नहीं हैं—विवेक विहार में AQI 395, जहांगीरपुरी 392, आनंद विहार और नरेला 386, बुराड़ी और चांदनी चौक 368, जबकि सोनिया विहार और आरके पुरम 355–354 के स्तर पर रहे।
डॉक्टरों की चेतावनी—कम से कम बाहर निकलें
खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए डॉक्टरों ने खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और दिल–फेफड़े की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सख्त सलाह दी है कि वे घर के अंदर रहें, एन-95 मास्क का इस्तेमाल करें और बाहरी गतिविधियों को सीमित रखें। सर्दी, स्मॉग और नमी के मेल ने सांस की दिक्कत, खांसी और आंखों में जलन की शिकायतें बढ़ा दी हैं।
एक महीने से लगातार परेशानी, थोड़ी राहत के बाद फिर गिरावट
पिछले लगभग एक महीने से दिल्ली-NCR प्रदूषण से जूझ रहा है। हालांकि पिछले दो–तीन दिनों में AQI में मामूली सुधार देख पाया गया, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बुधवार को GRAP स्टेज-3 की पाबंदियां तुरंत हटा ली थीं। लेकिन गुरुवार सुबह हवा फिर “बहुत खराब” श्रेणी में लौट आई, जिससे राहत की उम्मीद टूट गई। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की दिशा, स्थानीय प्रदूषण और तापमान में तेज गिरावट मिलकर हालात बिगाड़ रहे हैं।
प्रदूषण और ठंड का डबल अटैक, लोग परेशान
दिल्ली में बढ़ती ठंड और हवा की तेज नमी स्मॉग को नीचे दबाकर रखती है, जिसकी वजह से प्रदूषण जमीन के करीब जमा हो जाता है। यही वजह है कि सुबह–शाम की हवा सबसे अधिक ज़हरीली महसूस होती है। फिलहाल, मौसम विभाग और प्रदूषण एजेंसियों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

