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Ranchi : झारखंड बाल आयोग की टीम ने कोल्हान प्रमंडल के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन घाटशिला अनुमंडल और जमशेदपुर में बच्चों की सुरक्षा एवं कल्याण की स्थिति का व्यापक निरीक्षण किया। बाल आयोग के सदस्य विकास दोदराजका, मिन्हाजुल हक, डॉ. आभा वीरेन्द अंकिचन एवं अन्य सदस्य इस निरीक्षण दल में शामिल थे।
घाटशिला अनुमंडल में आयोजित प्रशासनिक बैठक में अंचलाधिकारी निशात अंबर की अध्यक्षता में अनुमंडल स्तर पर कार्यरत बाल हित अधिकारी, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, आंगनवाड़ी कर्मी, जेएसएलपीएस और स्वयंसेवी संगठन के सदस्य उपस्थित थे। इस बैठक में आयोग के सदस्यों ने बच्चों से जुड़े विभागों द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का मूल्यांकन किया और क्षेत्र में बच्चों को मिलने वाली सेवाओं में किसी भी प्रकार की कमी या समस्याओं को नोट किया।
बैठक में नियोजन पदाधिकारी चेतन शर्मा, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी संजय कुमार, सब-इंस्पेक्टर घाटशिला थाना पंकज कालिंदी, खनन निरीक्षक अरबिंद उरावं, चिकित्सा अधिकारी डॉ. मजेन्द्र और डॉ. आर एन सोरेन, शिक्षा विभाग के संजीत कुमार, जेएसएलपीएस के जैस्मिन सोरेन, नमिता महतो और बिंदु साह तथा आंगनवाड़ी कर्मियों रानी बाला बेसरा और निशा गुप्ता ने भाग लिया।
दोपहर में जमशेदपुर सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में जिले के बाल हितधारक, संबंधित पदाधिकारी और स्वयंसेवी संगठन के सदस्य शामिल हुए। इसमें श्रम अधीक्षक सतेंद्र कुमार सिंह, डीसीपीओ प्रेम प्रकाश, बाल संरक्षण इकाई की अमृता कुमारी, एम. रवि शास्त्री, चिकित्सक डॉ. मो. असद, सीडब्ल्यूसी सदस्य जुझार सोरेन, शिक्षा विभाग के तजेंद्र कौर और विशाल सिंह, एनजीओ के पूर्बी घोष, चंदन कुमारी एवं पवन कुमार उपस्थित रहे।
आयोग के सदस्यों ने सभी अधिकारियों और संगठनों के सदस्यों से बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और कार्यक्रमों का जायजा लिया। इसके साथ ही क्षेत्र में बच्चों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार हेतु अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। आयोग ने अधिकारियों से यह भी आश्वासन लिया कि राज्य स्तरीय आवश्यकताओं और निर्देशों के अनुरूप सुधार के लिए उच्च पदाधिकारियों से आवश्यक बातचीत की जाएगी।
इस निरीक्षण और बैठक के माध्यम से बाल आयोग ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि झारखंड के कोल्हान प्रमंडल में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण से संबंधित सेवाएं प्रभावी रूप से कार्यरत हों और किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर किया जा सके।

