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Ranchi : राजधानी के मोराबादी स्थित सरना स्थल पर रविवार को आदिवासी नवयुवक संघ सरना समिति सरई टांड़ की ओर से इंद जतरा का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य पहान जगलाल पहान और मुन्ना हेमरोम ने रंगवा और चरका मुर्गा की बलि देकर गांव की सुख-समृद्धि और हरियाली की कामना की।
जतरा पूजा के समापन के बाद ग्रामीणों और नवयुवकों ने सरना स्थल के बगल में खुले विदेशी शराब दुकान का जोरदार विरोध किया। लोगों का कहना था कि यह दुकान धार्मिक आस्था, शिक्षा और समाज के लिए घातक है।
आदिवासी समाज का आक्रोश
मुख्य पहान जगलाल पहान ने कहा कि इंद जतरा आदिवासियों की धार्मिक और सामाजिक परंपरा है, जिसमें कृषि, जल और फसल की समृद्धि के लिए देवताओं से प्रार्थना की जाती है। इस आयोजन के बाद नए पारिवारिक रिश्ते जोड़ने का कार्य भी शुरू होता है। लेकिन धार्मिक स्थल के बगल में शराब दुकान खोलना आस्था पर सीधा प्रहार है।
केन्द्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निजी हाथों को शराब की बंदोबस्ती देकर सरकार ने आदिवासियों की आस्था से खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा, “धार्मिक स्थल, शिक्षण संस्थान और अस्पतालों के पास शराब की दुकानें खोलना शर्मनाक है। सरकार यदि इन्हें तुरंत बंद नहीं करती तो आदिवासी समाज आंदोलन को बाध्य होगा।”
खेल मैदान और शिक्षा पर असर
ग्रामीणों का कहना है कि मोराबादी क्षेत्र में स्थित यह सरना स्थल न सिर्फ आस्था का केंद्र है बल्कि यहीं से कई खिलाड़ियों ने राज्य और देश का प्रतिनिधित्व किया है। खेल के मैदान और शिक्षण संस्थानों के पास शराब दुकान खुलने से असामाजिक तत्वों की भीड़ लग रही है। इसका नकारात्मक असर छात्रों और युवाओं पर पड़ रहा है।
जल्द बंद करने की मांग
बबलू मुंडा ने चेतावनी दी कि केवल मोराबादी ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड में जहां-जहां धार्मिक स्थल, अस्पताल और स्कूलों के आसपास शराब दुकानें खुली हैं, उन्हें तुरंत बंद किया जाए। अन्यथा आदिवासी समाज राज्यव्यापी आंदोलन करेगा।
इस मौके पर विशाल मुंडा, दीपक हेंब्रम, रजनी टोप्पो, गीता कुजूर, सूर्य तिर्की, अशोक टोप्पो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और सरकार से कार्रवाई की मांग की।

