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Ranchi : झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने शनिवार को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए गुमला की पूर्व प्रत्याशी और पार्टी नेत्री निशा भगत को संगठन से निष्कासित कर दिया। पार्टी विरोधी बयानबाज़ी के आरोपों के चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।
मोर्चा अध्यक्ष जयराम महतो ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि आने वाले छह वर्षों तक निशा भगत किसी भी पद या गतिविधि का हिस्सा नहीं बन पाएंगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि संगठन में विभाजनकारी या असत्य बयानबाज़ी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी की नीतियों और अनुशासन का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, हाल ही में निशा भगत द्वारा मीडिया और सोशल मीडिया पर दिए गए बयान न केवल तथ्यहीन और भ्रामक पाए गए बल्कि संगठन की विचारधारा के भी विपरीत थे। खासतौर पर कुड़मी समुदाय से संबंधित टिप्पणियां पार्टी की छवि और सामाजिक समरसता को नुकसान पहुँचाने वाली मानी गईं।
आदेश में यह भी कहा गया कि यह निर्णय पार्टी की अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। जांच में पाया गया कि निशा भगत का रवैया संगठन की एकजुटता और मूल उद्देश्यों को आहत करने वाला है। उल्लेखनीय है कि वे 2024 के विधानसभा चुनाव में जेएलकेएम के टिकट पर प्रत्याशी रही थीं।

