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Social News: ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने की कोशिश में वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप ने ब्रह्मांड के शुरुआती दौर से जुड़ी एक रहस्यमयी चमक पकड़ी है, जिसे वैज्ञानिकों ने QS O1 नाम दिया है। यह लाल बिंदु बिग बैंग के करीब 600 मिलियन साल बाद का है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के एस्ट्रोफिजिसिस्ट इग्नास जुओज़बैलिस की टीम का मानना है कि यह कोई साधारण तारा नहीं, बल्कि 5 करोड़ सूरज जितना भारी ब्लैक होल हो सकता है।
अगर यह खोज सही साबित होती है तो यह अब तक का सबसे शुरुआती ब्लैक होल होगा, जो गैलेक्सी बनने से भी पहले मौजूद था। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह या तो “डायरेक्ट कोलैप्स ब्लैक होल” हो सकता है, यानी गैस का विशाल बादल सीधे ढहकर ब्लैक होल में बदल गया। या फिर यह “प्राइमॉर्डियल ब्लैक होल” हो सकता है, जो बिग बैंग के तुरंत बाद बने थे। हालांकि अभी यह रिसर्च पीयर-रिव्यू स्टेज पर है और आधिकारिक पुष्टि बाकी है।
दिलचस्प बात यह है कि ब्लैक होल अपने आप में बेहद विशाल दिखता है, लेकिन उसके आसपास की गैलेक्सी बेहद छोटी है। यह संकेत देता है कि शुरुआती ब्रह्मांड में पहले ब्लैक होल बने होंगे और फिर उनके चारों ओर गैलेक्सी का निर्माण हुआ। आम तौर पर ब्लैक होल एक्स-रे किरणों के जरिए पहचाने जाते हैं, लेकिन इस खोज में एक्स-रे सिग्नल नहीं मिले। यही वजह है कि वैज्ञानिकों के बीच बहस छिड़ गई है—कुछ इसे तारों का समूह मानते हैं, तो कुछ इसे शुरुआती ब्लैक होल।
अब तक जेम्स वेब टेलिस्कोप सैकड़ों ऐसे लाल बिंदु देख चुका है। लेकिन QS O1 सबसे चौंकाने वाला है, क्योंकि यह ब्रह्मांड की शुरुआत के राज़ खोलने की दिशा में अहम सुराग देता है। आने वाले समय में यह पता चल सकेगा कि बिग बैंग के तुरंत बाद ब्रह्मांड का निर्माण किस क्रम में हुआ—पहले तारे और गैलेक्सी बने या ब्लैक होल।

