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New Delhi : वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित दो दिवसीय माल एवं सेवा कर (GST) परिषद की 56वीं बैठक दिल्ली में शुरू हुई। यह बैठक 3 और 4 सितंबर को चलने वाली है, जिसमें देश के सभी राज्यों के वित्त मंत्री और शीर्ष अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं।
झारखंड प्रदेश की तरफ से वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर इसमें सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य GST के टैक्स स्लैब का पुनः निर्धारण करना और विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं पर करों को नए सिरे से तय करना है।
झारखंड सरकार ने हमेशा राज्यों के राजस्व को सुदृढ़ करने और जीएसटी में सुधार लाने पर जोर दिया है। इस बैठक में वित्त मंत्री ने झारखंड की नीतियों और राजस्व संवर्द्धन के उपायों को साझा किया। उन्होंने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया, जहां कर संरचना में बदलाव से राज्य के विकास और आम जनता पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक में लिए गए निर्णय देशभर के राज्यों के आर्थिक और व्यापारिक माहौल को प्रभावित करेंगे। झारखंड की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि राज्य न केवल अपने राजस्व को मजबूत करना चाहता है, बल्कि GST सुधारों में सहयोग और सुझाव देने के लिए भी तत्पर है।

