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New Delhi : झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे को सात साल पहले मिली जान से मारने की धमकी के मामले में आखिरकार सच सामने आ गया है। यह धमकी मेहरमा प्रखंड के ग्राम कुमारडीह निवासी कुंदन कुमार दास ने दी थी। उस समय मामले ने काफी तूल पकड़ा था, लेकिन दिल्ली पुलिस की जांच में पूरी कहानी अलग ही निकली।
जांच में यह साबित हुआ कि कुंदन ने कुछ मुस्लिम युवकों को झूठे आरोप में फंसाने के लिए यह साजिश रची थी। इतना ही नहीं, उसने मोहम्मद गुलफाम के नाम पर मोबाइल फोन खरीदा ताकि केस को और पेचीदा बनाया जा सके। पुलिस ने जब यह राज़ खोला, तो मामला अदालत तक पहुंचा।
इस केस की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में हुई, जहां सांसद निशिकांत दुबे खुद मौजूद रहे। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि यह केस निराधार है और इसे खारिज किया जाए। न्यायालय ने तथ्यों पर गौर करते हुए केस को रद्द कर दिया। साथ ही कुंदन कुमार दास पर 10 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया गया और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने का आदेश दिया गया। इस फैसले के साथ सात साल पुराने विवाद का पटाक्षेप हो गया और यह साफ हो गया कि साजिश कितनी भी गहरी क्यों न हो, सच अंततः सामने आता ही है।

