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Ranchi News : झारखंड में सहायक आचार्य (भाषा विषय) पद की बहाली में आलिम डिग्री धारक अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी न होने से मामला गर्माता जा रहा है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित परीक्षा में उत्तीर्ण मदरसा आलिम ऑनर्स और स्नातक सब्सिडियरी प्रशिक्षित उम्मीदवारों ने डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन भी पूरा कर लिया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी रिजल्ट घोषित नहीं किया गया है।
इसी मुद्दे को लेकर झारखंड के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस. अली के नेतृत्व में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन और पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की से उनके आवास पर मुलाकात की। अभ्यर्थियों ने कहा कि आलिम-फाजिल की परीक्षा, झारखंड सरकार के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर जैक द्वारा आयोजित की जाती है, जो स्नातक और स्नातकोत्तर के समकक्ष है। वर्ष 2012 की प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक नियुक्ति नियमावली के अनुसार, कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक अथवा समकक्ष डिग्री है। इसी आधार पर आलिम डिग्री धारक अभ्यर्थी टेट उत्तीर्ण हुए और 2023 की सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा भी पास की, लेकिन अब परिणाम रोक दिया गया है।
एस. अली ने बताया कि पूर्व की बहालियों में भी मदरसा आलिम/फाजिल प्रशिक्षित और स्नातक सब्सिडियरी विषय वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति शिक्षक पद पर की गई थी। ऐसे में इस बार रिजल्ट रोकना पूरी तरह से JSSC की मनमानी है और सरकार को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।
मंत्री हफीजुल हसन ने आश्वासन दिया कि इस मसले को 20 अगस्त को होने वाली कैबिनेट बैठक में उठाया जाएगा और समाधान की कोशिश की जाएगी। वहीं, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि अभ्यर्थियों को निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार और शिक्षा सचिव से बातचीत कर जल्द ही समस्या का हल निकाला जाएगा।
इस मौके पर इरशाद आलम, शमसुल हक, हिफजुर रहमान, मो. एजाज आलम, शेर अहमद, नौशाद अली, मुबारक अंसारी, अजीमुद्दीन अंसारी, गुलाम मुर्तजा, सुहैब अंसारी, अब्दुल्लाह समेत कई लोग मौजूद थे।

