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Ranchi News : केन्द्रीय सरना समिति ने घोषणा की है कि इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस पर पारंपरिक नाच-गान का आयोजन नहीं किया जाएगा। समिति ने बताया कि यह निर्णय दिशूम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान में लिया गया है, जिन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान के लिए आजीवन संघर्ष किया।
समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा और महासचिव महादेव टोप्पो ने संयुक्त बयान में कहा कि इस बार 9 अगस्त 2025, शनिवार को सुबह 9:00 बजे, भगवान बिरसा मुंडा समाधि स्थल, कोकर में आयोजन होगा। यहां भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर इसे ‘संकल्प दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।
इस अवसर पर उपस्थित लोग आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्प लेंगे। समिति ने सभी अखबार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, पोर्टल न्यूज और छायाकार बंधुओं से समाचार कवरेज हेतु उपस्थित होने का आग्रह किया है।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान से जोड़ना है, ताकि आने वाले समय में समाज के हितों के लिए संगठित प्रयास जारी रह सकें। आयोजन में पारंपरिक नाच-गान के स्थान पर प्रेरणादायक विचार-विमर्श और संकल्प का माहौल रहेगा।

