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Ranchi News : झारखंड की राजनीति और आदिवासी समाज के लिए सोमवार का दिन बेहद दुखद रहा। राज्य के सबसे सम्मानित और आदिवासी समाज के प्रेरणास्त्रोत रहे दिशोम गुरुजी (शिबू सोरेन) के निधन की खबर से पूरा प्रदेश शोक में डूब गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक भावुक संदेश साझा कर इस दुखद घटना की जानकारी दी।
हेमंत सोरेन का भावुक संदेश
हेमंत सोरेन ने अपने आधिकारिक ट्विटर X अकाउंट पर लिखा – “आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं। आज मैं शून्य हो गया हूं…”
आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं।
आज मैं शून्य हो गया हूँ…
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 4, 2025
यह ट्वीट सुबह 9:44 बजे किया गया, जिसे कुछ ही घंटों में हजारों लोगों ने देखा और साझा किया। इस संदेश में हेमंत सोरेन ने पिता और झारखंड आंदोलन के महानायक शिबू सोरेन के निधन पर अपने गहरे दुख को व्यक्त किया।
दिशोम गुरुजी का झारखंड आंदोलन में योगदान

दिशोम गुरुजी (शिबू सोरेन) झारखंड आंदोलन के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं। उन्होंने आदिवासी अधिकारों और झारखंड राज्य के निर्माण के लिए दशकों तक संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने आंदोलन में हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप साल 2000 में झारखंड राज्य का गठन हुआ। वे कई बार सांसद और झारखंड के मुख्यमंत्री भी रहे। अपनी सादगी, संघर्षशीलता और आदिवासी समाज के प्रति समर्पण के लिए उन्हें ‘दिशोम गुरुजी’ यानी ‘झारखंड के गुरुजी’ कहा जाता था।
राजनीतिक जगत में शोक की लहर
शिबू सोरेन के निधन की खबर फैलते ही पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री से लेकर देशभर के बड़े नेताओं ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। कई नेताओं ने उन्हें आदिवासी राजनीति का सबसे बड़ा स्तंभ बताया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा दुख है। पार्टी कार्यालयों में शोक सभा आयोजित की जा रही है। राज्यभर में लोग उन्हें याद कर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
जनता का गुरुजी से भावनात्मक लगाव
शिबू सोरेन न सिर्फ एक राजनेता बल्कि आदिवासी जनता के लिए संघर्ष का प्रतीक थे। उन्होंने गरीबी, शोषण और अन्याय के खिलाफ हमेशा आवाज उठाई। उनकी राजनीतिक यात्रा झारखंड के हर गांव-गांव तक पहुंची और उन्होंने हजारों युवाओं को अपने आंदोलन से जोड़ा। लोगों का कहना है कि गुरुजी का जाना झारखंड के लिए एक युग का अंत है। उनकी नीतियां, विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देंगे।
अंतिम संस्कार की तैयारी
शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रांची में रखा जाएगा। इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की है।

