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Ranchi News : झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार से शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने सदन को संबोधित करते हुए लोकतंत्र की आदर्श परंपराओं, रचनात्मक संवाद और सहभागिता की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और लोकतंत्र तभी सफल होगा जब सभी सदस्य अपने दायित्वों का निष्ठा और समर्पण से निर्वहन करेंगे।
लोकतंत्र में अल्पमत का सम्मान भी आवश्यक
अध्यक्ष महतो ने कहा कि लोकतंत्र केवल बहुमत का शासन नहीं है, बल्कि अल्पमत की आवाज सुनने की पद्धति भी है। उन्होंने अपील की कि सदन स्वस्थ बहस, रचनात्मक आलोचना और सार्थक विचार-विमर्श का मंच बने, जिससे यह जनता की अपेक्षाओं का सही प्रतीक बन सके।
सत्र का अगला कार्यक्रम
- चार अगस्त – वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
- पांच अगस्त – प्रश्नकाल के बाद अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी।
- छह अगस्त – प्रश्नकाल और राजकीय विधेयकों पर विचार किया जाएगा।
- सात अगस्त – प्रश्नकाल के बाद राजकीय विधेयक और गैर सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी।
अध्यक्ष ने कहा कि सत्र को रचनात्मक और सार्थक बनाने के लिए सभी सदस्यों को सक्रिय सहयोग देना होगा।
शिबू सोरेन के स्वास्थ्य का जिक्र
अध्यक्ष ने सदन में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के बीते एक माह से अस्वस्थ होने का जिक्र किया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का इस राज्य और विधानसभा के प्रति योगदान ऐतिहासिक रहा है।
सभापति और कार्यमंत्रणा समिति की घोषणा
मानसून सत्र के लिए सभापतियों के नाम घोषित किए गए – स्टीफन मरांडी, सीपी सिंह, निरल पूर्ति, रामचंद्र सिंह और नीरा यादव।
इसके अलावा, कार्यमंत्रणा समिति के सदस्यों के नाम भी घोषित किए गए। इसमें विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राधाकृष्ण किशोर, बाबूलाल मरांडी, सरयू राय, निरल पूर्ति और अरूप चटर्जी शामिल हैं।
विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में दीपक बिरूआ, मथुरा महतो, सीपी सिंह, स्टीफन मरांडी, प्रदीप यादव, सुरेश पासवान, नवीन जायसवाल, जर्नादन पासवान, बसंत सोरेन, नीरा यादव, कल्पना सोरेन मुर्मू, निर्मल महतो और जयराम महतो को शामिल किया गया है।
अध्यक्ष ने कहा कि इस सत्र में विपक्षी दल के मुख्य सचेतक और दो सचेतक भी नियुक्त किए जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सचेतक मंडली सभी सदस्यों के बीच संवाद और समन्वय को मजबूत करेगी।
लोकतंत्र की महान परंपरा और संविधान की भावना
अध्यक्ष महतो ने संविधान सभा में दिए गए उस कथन का उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि लोकतंत्र केवल बहुमत का शासन नहीं है बल्कि अल्पमत की भी आवाज सुनने की प्रणाली है। उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि सदन की हर कार्यवाही संविधान की इसी मूल भावना के अनुरूप हो।
कई विभूतियों को श्रद्धांजलि
सत्र के पहले दिन देश और राज्य की कई विभूतियों, पूर्व सांसदों और विधायकों के निधन पर शोक प्रस्ताव लाया गया। सदन ने धनबाद के पूर्व सांसद चंद्रशेखर सिंह, कोडरमा के पूर्व सांसद तिलकधारी सिंह, पूर्व विधायक ओमीलाल आजाद, ज्योतिंद्र प्रसाद, युगल किशोर पांडेय, इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. कस्तूरीरंगन, चिकित्सक डॉ. शोभा चक्रवर्ती और हॉकी कोच प्रतिमा बरवा सहित अन्य दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी।
इसके साथ ही, अहमदाबाद विमान हादसे में यात्रियों और पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए पर्यटकों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की गई।
सदन के नेता हेमंत सोरेन और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित अन्य सदस्यों ने भी इन विभूतियों के योगदान को याद किया। दो मिनट का मौन रखकर सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।

