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Jharkhand News: झारखंड प्रदेश पान तांती स्वासी कल्याण समिति की पश्चिमी सिंहभूम इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चाईबासा में जनप्रतिनिधियों से मिलकर जातीय विसंगतियों को दूर करने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने खरसावां के विधायक दशरथ गागराई, मनोहरपुर के विधायक जगत मांझी और चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव को ज्ञापन सौंपकर समाज की समस्याओं से अवगत कराया।
मनोहरपुर विधायक जगत मांझी ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “पान तांती समाज की समस्याओं से मैं पहले से वाकिफ हूं। मानसून सत्र में इस विषय पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जाएगा और संबंधित विभागों से पूरी जांच की मांग की जाएगी। समाज के साथ हर स्तर पर खड़ा हूं।”
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पान तांती समाज लंबे समय से जातीय पहचान की असमंजसपूर्ण स्थिति से जूझ रहा है। कहीं समाज को ओबीसी में रखा जाता है, तो कहीं सामान्य श्रेणी में। इस विसंगति के चलते समाज को न तो आरक्षण का लाभ मिल रहा है और न ही सरकारी योजनाओं का सही लाभ।
समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि बार-बार आवेदन देने और आंदोलन करने के बावजूद अब तक प्रशासन या सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि इस बार इस मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाया जाए।
प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष इस्माइल सिंह दास, सचिव शंकर पान, संरक्षक डॉ. अशोक दास, संगठन सचिव कृपासिंधु पान, उपाध्यक्ष दुर्योधन पान, मोहन केशरी, प्रवक्ता मदन दास, दुर्योधन दाशब्या, नंदन दास, रोहन दास, पंकज बेंकुड़ा, शत्रुघन दास, अमित तांती और रवि तांती सहित कई सदस्य शामिल थे।
प्रतिनिधियों ने दोहराया कि समाज अब और चुप नहीं बैठेगा। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

