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Jharkhand News: दिल्ली में झारखंड भवन बनने के बाद अब महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी भव्य झारखंड भवन का निर्माण होने जा रहा है। नवी मुंबई के वाशी इलाके में यह अत्याधुनिक भवन करीब 136 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। यह न सिर्फ राज्य की गरिमा का प्रतीक होगा बल्कि राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य विशेष अतिथियों के ठहरने के लिए भी एक शानदार स्थान बनेगा।
झारखंड भवन के लिए मिली जमीन और मंजूरी
वाशी के सेक्टर 30A में प्लॉट नंबर 2C पर 63.65 डिसमिल ज़मीन पर यह भवन बनेगा। निर्माण प्रक्रिया को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और अब केवल टेंडर प्रक्रिया बाकी है। जैसे ही टेंडर फाइनल होगा, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि अगले दो वर्षों में यह भवन बनकर तैयार हो जाएगा।
भवन का स्ट्रक्चर और सुविधाएं
इस भवन में बेसमेंट व ग्राउंड फ्लोर सहित कुल सात मंजिलें होंगी।
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बेसमेंट में 27 कारों और 137 दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
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ग्राउंड फ्लोर पर डाइनिंग हॉल, पैंट्री, किचन, जिम, लॉकर रूम और वीआईपी वेटिंग लाउंज होगा।
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पहली मंजिल पर सेमिनार और एग्जिबिशन हॉल के साथ वेटिंग एरिया बनाया जाएगा।
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दूसरी मंजिल में रेजिडेंट सेक्रेटरी के चेंबर, मीटिंग रूम और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं होंगी।
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तीसरी और चौथी मंजिल में 10-10 डॉरमेट्री होंगे जिनमें 57-57 बेड की व्यवस्था रहेगी।
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पांचवीं मंजिल पर विशेष अतिथियों के लिए 19 डिलक्स कमरे बनाए जाएंगे।
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छठी मंजिल में नौ एग्जिक्युटिव कमरे तैयार होंगे, जहां अति-विशेष लोग ठहर सकेंगे।
सातवीं मंजिल होगी सबसे खास
भवन की सातवीं और सबसे ऊपरी मंजिल राज्यपाल और मुख्यमंत्री के लिए आरक्षित होगी। यहां मुख्यमंत्री का चेंबर, दो मास्टर बेडरूम, दो लिविंग रूम, एक डाइनिंग एरिया, मीटिंग रूम और विशेष बैठकों के लिए सीटिंग एरिया बनाया जाएगा। यह पूरा तल पूरी तरह से वीवीआईपी मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा।
झारखंड की बढ़ती पहचान
मुंबई जैसे शहर में झारखंड भवन का निर्माण राज्य के लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा। न केवल सरकारी प्रतिनिधियों को ठहरने के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित स्थान मिलेगा, बल्कि राज्य के लोगों को भी मुंबई में एक विश्वसनीय संपर्क स्थल मिलेगा।
पर्यटन, निवेश और सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व में मदद
यह भवन झारखंड राज्य की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देगा। खासकर निवेशकों, अधिकारियों और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों के लिए यह स्थान महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। दिल्ली के बाद मुंबई में झारखंड भवन बनाना राज्य के प्रशासनिक और सामाजिक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

