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Jharkhand News: केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताओं के खिलाफ बुधवार को आयोजित देशव्यापी आम हड़ताल का असर जमशेदपुर में भी व्यापक रूप से देखने को मिला। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और सीटू, एआईयू सहित कुल 17 संगठनों के समर्थन से आयोजित इस हड़ताल में बैंकिंग सेक्टर भी पूरी तरह शामिल रहा।
पंजाब नेशनल बैंक की साकची शाखा और करेंसी चेस्ट शाखा के सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर कामकाज ठप कर दिया। उन्होंने शाखा के मुख्य गेट पर तालेबंदी की और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का नेतृत्व वरिष्ठ कर्मी अशोक कुमार रजक कर रहे थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि श्रमिक विरोधी नई श्रम संहिताएं तत्काल प्रभाव से रद्द की जाएं, क्योंकि यह कर्मचारियों के अधिकारों को खत्म कर रही हैं।
धरना में शामिल कर्मचारियों में शिव कुमार सिंह, सुनील तिर्की, संजय प्रमाणिक, राजू भगत, प्रभु वर्मा, मलिन महतो और अजय साहू प्रमुख रहे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो भविष्य में और भी बड़ा आंदोलन होगा।
इस हड़ताल का असर आम ग्राहकों पर भी पड़ा। बैंकिंग सेवाएं ठप होने से लोगों को नकदी लेन-देन और अन्य जरूरी कार्यों में परेशानी झेलनी पड़ी।
वहीं दूसरी ओर, बंद समर्थकों ने भारी बारिश के बावजूद छाता लेकर सड़कों पर रैलियां निकालीं और सरकार की श्रम नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। विभिन्न मार्गों पर छोटे-छोटे दलों में बंटे प्रदर्शनकारियों ने पूरे क्षेत्र में विरोध का माहौल बना दिया। आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि यह लड़ाई लंबे समय तक चलेगी और कर्मचारी एकजुट होकर अपने हक के लिए आवाज उठाते रहेंगे।

