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Jharkhand News: झारखंड के हजारीबाग जिले में मोहर्रम जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला कर रख दिया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के तुरांव-पौता गांव में सोमवार को आयोजित जुलूस में आग के चपेट में आकर लगभग 15 लोग बुरी तरह झुलस गए। इनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के मुताबिक, मोहर्रम के जुलूस में परंपरा के अनुसार आग्नेय प्रदर्शन किया जा रहा था। सैकड़ों की संख्या में लोग इसमें शामिल थे। इसी दौरान, जब आग में डीजल डाला गया, तो वह अनियंत्रित होकर विकराल रूप ले बैठी। एकाएक फैली आग की लपटों ने वहां मौजूद दर्जनों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
स्थानीय लोगों की तत्परता से झुलसे हुए सभी घायलों को तुरंत शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग ले जाया गया। जहां गंभीर रूप से जख्मी कुछ महिलाओं और बच्चों को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।
प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना
गौरतलब है कि मोहर्रम के अवसर पर जिला प्रशासन ने पहले ही आग्नेयास्त्रों और खतरनाक प्रदर्शनों पर सख्त रोक लगा रखी थी। बावजूद इसके, आयोजकों ने प्रशासनिक आदेशों को नजरअंदाज करते हुए इस खतरनाक प्रदर्शन को अंजाम दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। अब यह देखना अहम होगा कि आयोजकों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रशासन किस तरह की कार्रवाई करता है।

