अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Ranchi News: झारखंड शराब घोटाले की जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता के बैंक खाते में पिछले 7 वर्षों के दौरान 1.26 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। यह राशि नेक्सजेन ऑटोमोबाइल कंपनी के मालिक विनय सिंह द्वारा भेजी गई थी।
यह ट्रांजैक्शन साल 2017 से लेकर 2023 तक लगातार हुआ, जिसे अब ACB गंभीरता से जांच रही है। जांच में दावा किया गया है कि स्वप्ना को यह राशि एक कंसल्टेंसी फीस के तौर पर दी गई थी। हालांकि, जांच एजेंसियों को स्वप्ना संचिता की औपचारिक नियुक्ति से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला है।
विनय सिंह ने पूछताछ में बताया कि स्वप्ना IIM से एमबीए हैं और उन्होंने उनकी कंपनी को बिजनेस सलाह देने, डेटा एनालिसिस और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों परिवारों के बीच करीब 20 साल पुरानी पारिवारिक मित्रता है।
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि जब IAS विनय चौबे को छत्तीसगढ़ से समन जारी हुआ, तभी यह भुगतान रुक गया। इस आधार पर संदेह और भी गहराता जा रहा है कि कहीं यह कंसल्टेंसी फॉर्मलिटी तो नहीं थी?
अब तक पांच लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
बता दें कि झारखंड में एसीबी शराब घोटाला की जांच कर रही है। एसीबी ने अब तक की जांच में राज्य के वरीय IAS अधिकारी विनय चौबे, उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब तक इस केस में कुल पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। वहीं निलंबित IAS विनय चौबे के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज कर भी जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि शराब घोटाले में अब तक 5 गिरफ्तारी हो चुकी हैं, और कई और बड़े नाम जांच के दायरे में हैं। ACB ने हाल ही में विनय सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की मांग की है।

