कोलकाता | एजेंसी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम पड़ाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। राज्य के भांगड़ इलाके से 79 देसी बमों की बरामदगी ने प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है। 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले इतनी बड़ी संख्या में विस्फोटकों का मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर अब एनआईए (NIA) ने जांच की कमान संभाल ली है।
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एनआईए के प्रवक्ता के अनुसार, एजेंसी ने रविवार को इस संबंध में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। यह मामला मूल रूप से शनिवार को कोलकाता के भांगड़ क्षेत्र के उत्तर काशी पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। पुलिसिया कार्रवाई के दौरान एक गुप्त स्थान से न केवल 79 देसी बम, बल्कि कई अन्य आपत्तिजनक सामग्रियां भी बरामद की गईं। इन विस्फोटकों को बेहद शातिराना तरीके से छिपाकर रखा गया था, जो चुनावी प्रक्रिया के दौरान जान-माल के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते थे।
इस घटना के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। आयोग ने पश्चिम बंगाल पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध बम निर्माण और उनके भंडारण में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल विशेष अभियान चलाया जाए। निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए ही इस केस को एनआईए को सौंपा गया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य में भयमुक्त और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराना है।
बता दें कि बंगाल की 294 सीटों के लिए दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड तोड़ मतदान हो चुका है, जबकि शेष 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाने हैं। चुनाव से ऐन पहले बमों का यह जखीरा मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की निगाहें एनआईए की जांच पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो पाएगा कि इन विस्फोटकों के पीछे किस गिरोह या राजनीतिक षड्यंत्र का हाथ है।
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NIA की एंट्री और सुरक्षा अलर्ट: भांगड़ अपडेट
एनआईए की टीम अब उन ठिकानों और संपर्कों की तलाश कर रही है, जहां से इन बमों की सप्लाई की जा रही थी। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में बमों का एक जगह होना किसी बड़े नेटवर्क की मौजूदगी का संकेत है। भांगड़ और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल अब ड्रोन और डॉग स्क्वायड की मदद से सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि मतदान के दिन कोई अप्रिय घटना न हो।



