India News: उत्तरकाशी, उत्तराखंड में आई भीषण बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं ने महाराष्ट्र के कई परिवारों को गहरी चिंता में डाल दिया है। अब तक की जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के जलगांव जिले के 16 पर्यटक लापता हैं, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
जलगांव के कलेक्टर आयुष प्रसाद ने पुष्टि की है कि जिले के 19 लोग उत्तरकाशी क्षेत्र में थे, जिनमें से सिर्फ तीन से संपर्क हो पाया है। बाकी 16 लोगों की कोई खबर नहीं है। इनमें जलगांव की आरोही मेहरा भी शामिल हैं, जिन्होंने बताया कि बाढ़ के समय स्थानीय ग्रामीणों और सेना की मदद से उन्हें राहत मिली, लेकिन भयावह मंजर देखना बेहद डरावना था।
उधर, पुणे के आंबेगांव तालुका के अवसरी खुर्द गांव से 24 लोग तीर्थयात्रा पर निकले थे। ये सभी भैरवनाथ विद्यालय के 1990 बैच के सहपाठी हैं। उन्होंने बाढ़ से पहले “हम गंगोत्री जा रहे हैं” स्टेटस शेयर किया था, जो अब तक उनका अंतिम संदेश है। उसके बाद से परिवार और दोस्तों का कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे माहौल चिंताजनक हो गया है।
बताया जा रहा है कि पूरे महाराष्ट्र से अब तक 51 पर्यटक उत्तरकाशी की इस प्राकृतिक आपदा में फंसे हैं। खेड़, मंचर और अन्य स्थानों से भी लोग लापता हैं।
परिजनों ने महाराष्ट्र सरकार से तत्काल रेस्क्यू और ट्रेसिंग ऑपरेशन शुरू करने की मांग की है। स्थानीय प्रशासन और NDRF राहत व बचाव कार्य में जुटे हैं, लेकिन संचार व्यवस्था बाधित होने से सूचना मिलना मुश्किल हो रहा है।



