Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»Social/Interesting»गंजेपन का ‘बदबूदार’ इलाज’! 500 साल पुरानी किताब में खौफनाक नुस्खे
Social/Interesting

गंजेपन का ‘बदबूदार’ इलाज’! 500 साल पुरानी किताब में खौफनाक नुस्खे

मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में मिली 1531 की एक दुर्लभ किताब ने प्राचीन चिकित्सा जगत की पोल खोल दी है। गंजेपन के लिए मल का लेप और दिल के लिए लकड़ी का इस्तेमाल; जानें उस दौर के रूह कंपा देने वाले देसी नुस्खे।
एडिटरBy एडिटरJanuary 28, 20262 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

Manchester (England): विज्ञान कितनी भी तरक्की कर ले, लेकिन हमारा इतिहास हमेशा हमें चौंकाता रहता है। हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के वैज्ञानिकों को जॉन रायलैंड्स लाइब्रेरी में एक ऐसी किताब मिली है, जिसे पढ़कर आधुनिक डॉक्टरों का सिर चकरा जाए। 1531 के आसपास की यह किताब यूरोप के पुनर्जागरण काल (Renaissance) की है और इसे नेत्र चिकित्सक बार्थोलोमाउस वोग्थेर ने लिखा था। इस किताब में दर्ज उपचार इतने अजीब हैं कि आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि उस दौर के लोग कैसे जिंदा रहते थे।

गंजेपन का ‘बदबूदार’ इलाज

आजकल लोग बाल झड़ने पर हेयर ट्रांसप्लांट या महंगे सीरम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन 16वीं सदी में इसका इलाज बेहद घिनौना था। किताब में बताया गया है कि बालों को दोबारा उगाने के लिए सिर पर इंसानी मल (Human Feces) का लेप लगाने की सलाह दी जाती थी। लोगों का मानना था कि इससे सिर की ‘बीमारी’ खत्म हो जाएगी। इतना ही नहीं, बालों की मजबूती के लिए छिपकली के सिरों को पीसकर उसका मिश्रण बालों में लगाने का भी जिक्र है।

अजीबोगरीब नुस्खे: दालचीनी का धुआं और हिप्पो के दांत

किताब में सिर्फ बालों की ही बात नहीं है। सिर दर्द होने पर उस दौर के डॉक्टर तंबाकू के पाइप में दालचीनी भरकर पीने की सलाह देते थे। वहीं, दिल की धड़कन सामान्य रखने के लिए ‘अगर की लकड़ी’ का उपयोग बताया गया था। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला उपचार मुंह के छालों का था, जिसके लिए दरियाई घोड़े (Hippopotamus) के दांतों का इस्तेमाल किया जाता था।

इतिहास की एक अनकही झलक

शोधकर्ताओं ने पाया कि इस किताब में कई तरह की हैंडराइटिंग है, जिससे पता चलता है कि समय के साथ कई वैद्यों ने इसमें अपने अनुभव जोड़े होंगे। हालांकि, यह साफ नहीं है कि ये नुस्खे कितने कारगर थे, लेकिन यह किताब बताती है कि जब आधुनिक दवाएं नहीं थीं, तब इंसान अपनी हताशा में किसी भी हद तक जाकर उपचार ढूंढता था। आज के हेयर ट्रांसप्लांट और लेजर ट्रीटमेंट के दौर में ये प्राचीन तरीके भले ही डरावने लगें, लेकिन ये चिकित्सा विज्ञान के क्रमिक विकास की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

मौत के बाद क्या होता है? अमेरिकी महिला ने बताया परलोक का आंखों देखा हाल

April 8, 2026

दुनिया का आखिरी शहर! जानिए उशुआइया की रहस्यमयी कहानी

April 6, 2026

प्लास्टिक बैग में पेट्रोल भरकर कार में रखती दिखी महिला, लोग रह गए दंग

April 6, 2026

RECENT ADDA.

जमा खान का बड़ा बयान: ‘बिहार का अगला CM वही होगा, जिस पर नीतीश कुमार का आशीर्वाद’

April 13, 2026

किशनगंज सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलते ही मचा हड़कंप

April 13, 2026

नवादा में भीषण बस हादसा: 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरी स्कूल बस, एक छात्रा की मौ’त, 27 घायल

April 13, 2026

बिहार में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट: अगले 48 घंटे निर्णायक, राजभवन में हलचल तेज

April 13, 2026

सरायकेला में लेवी गिरोह का भंडाफोड़, 7 अपराधी गिरफ्तार

April 12, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.