रांची। राज्य सरकार की महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना पर कुछ लोगों ने सेंधमारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने तमाड़ प्रखंड में ऐसे ही एक मामले को पकड़ा है, जिसमें 112 लाभुकों की सम्मान राशि का भुगतान एक ही बैंक खाता में किया गया है। सत्यापन के दौरान जिला प्रशासन ने उक्त गड़बड़ी पकड़ी जिसमें तमाड़ प्रखंड के पंडराजी गांव के कार्तिक पातर ने प्रज्ञा केंद्र संचालक के साथ मिलकर उक्त फर्जीवाड़ा किया है। इसके तहत कुल 112 आवेदकों के बैंक खाता को बदलकर सभी में एक ही बैंक खाता नंबर इनपुट कर दिया गया था। गौरतलब हो कि प्रज्ञा केंद्र संचालक कार्तिक पातर का भाई है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उक्त फर्जीवाड़ा में दोनों भाईयों की मिलीभगत हो सकती है। मामला उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के संज्ञान में आते ही आरोपी पर FIR दर्ज कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

अपात्र व्यक्ति आवेदन देकर स्वयं हटायें नाम, नहीं तो होगी कार्रवाई : उपायुक्त

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने उक्त मामले को गंभीरता से लिया है और लाेगों से अपील करते हुए कहा है जो अपात्र व्यक्ति मंईयां सम्मान योजना का लाभ ले रहे हैं, वो आवेदन देकर अपना नाम हटवा लें अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा यह योजना राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। इसमें किसी को सेंधमारी करने नहीं दी जायेगी।

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