Bokaro news: चास, चीराचास और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से जारी अनिश्चितकालीन बिजली कटौती से उत्पन्न जन-आक्रोश को देखते हुए आज **झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) बोकारो जिला** के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त से मुलाकात की। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जनता की बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए जिला प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी।
**मुख्यमंत्री के निर्देशों का दिया हवाला**
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि माननीय मुख्यमंत्री **हेमंत सोरेन** का सख्त आदेश है कि जनसेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। झामुमो नेताओं ने कहा कि कुछ लापरवाह अधिकारियों की ढुलमुल कार्यशैली के कारण सरकार की छवि धूमिल हो रही है। बिजली की अनियमित आपूर्ति ने न केवल घरेलू जीवन बल्कि पेयजल व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रभावित किया है।
**अधिकारियों को दो टूक चेतावनी**
झामुमो नेता ने अधीक्षण अभियंता और जिला प्रशासन से मांग की है कि:
चास, चीराचास और ग्रामीण क्षेत्र की तकनीकी खामियों को २४ घंटे के भीतर दूर किया जाए।
बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।
लापरवाह अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं, अन्यथा संगठन उनके विरुद्ध मोर्चा खोलने को बाध्य होगा।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि बिजली आपूर्ति में तत्काल सुधार नहीं हुआ, तो झारखंड मुक्ति मोर्चा सड़कों पर उतरकर झामुमो नेताओं ने कार्यकर्ताओं को क्षेत्र की समस्याओं पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया है और आश्वासन दिया है कि हेमंत सरकार में जनता को उनके अधिकारों के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा।प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से बोकारो जिला अध्यक्ष रतनलाल मांझी, बोकारो महानगर अध्यक्ष मंटू यादव, केंद्रीय सदस्य विजय रजवार, फिरदौस अंसारी, फैयाज आलम, बैद्यनाथ महतो, रामदयाल सिंह, प्रमोद तापड़िया, भागीरथ शर्मा, सदानंद गोप, मस्तान अंसारी, सुभाष महतो, मनोज महतो, सोमनाथ घोष, अभिषेक पांडे, अख्तर अंसारी, दुर्गा शर्मा, सीताराम महतो, संपूर्ण मांझी, फिरोज अंसारी, इस्लाम अंसारी, इस्माइल अंसारी, अख्तर हुसैन, कलीम अंसारी इत्यादि।



