Bengaluru: आज के डिजिटल युग में एक अनजान ‘सॉरी’ आपके बैंक खाते को खाली करने की पहली सीढ़ी हो सकती है। बेंगलुरु में रहने वाले एक 50 वर्षीय व्यक्ति के साथ कुछ ऐसा ही हुआ, जिन्होंने मात्र एक गलत मैसेज का जवाब देने की कीमत ₹70 लाख चुकाकर चुकाई। साइबर ठगों ने इतनी सफाई से जाल बिछाया कि शिकार को खुद अपनी बर्बादी का अहसास अंत तक नहीं हुआ।
एक ‘रॉन्ग नंबर’ और मीठी बातों का जाल
घटना की शुरुआत टेलीग्राम पर आए एक मैसेज से हुई। ‘प्रिया’ नाम की एक महिला ने विक्टिम को मैसेज किया और तुरंत माफी मांगते हुए कहा, “सॉरी! यह मैसेज गलती से आपको भेज दिया, मैं तो राहुल को ढूंढ रही थी।” व्यक्ति ने इसे इग्नोर करने के बजाय बातचीत शुरू कर दी। धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ी और बात वॉट्सऐप तक जा पहुँची। महिला ने खुद को लंदन की एक सफल बिजनेसवुमन बताकर व्यक्ति का पूरा भरोसा जीत लिया।
बिटकॉइन के नाम पर ‘बड़ा गेम’
भरोसा जीतने के बाद शुरू हुआ असली खेल। महिला ने बिटकॉइन ट्रेडिंग से करोड़ों कमाने का लालच दिया और एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का लिंक शेयर किया। शुरुआत में व्यक्ति ने ₹50 हजार लगाए, जिस पर उसे डिजिटल डैशबोर्ड पर ‘मुनाफा’ दिखने लगा। इस लालच में आकर शख्स ने अपनी जमापूंजी तो लगाई ही, साथ ही बैंक से भारी-भरकम लोन लेकर भी अलग-अलग 8 खातों में कुल ₹60 लाख ट्रांसफर कर दिए।
2.6 करोड़ का मुनाफा… लेकिन सब कागजी!
स्क्रीन पर उसे अपना मुनाफा बढ़कर ₹2.6 करोड़ दिखने लगा था। असली झटका तब लगा जब उसने यह रकम निकालने (Withdraw) की कोशिश की। विड्रॉल फेल होने पर जब उसने तथाकथित ‘कस्टमर केयर’ को कॉल किया, तो वहां से और पैसों की डिमांड की गई। तब जाकर उसे अहसास हुआ कि ‘प्रिया’ नाम का कोई अस्तित्व ही नहीं था और वह एक शातिर साइबर गैंग का शिकार बन चुका है। फिलहाल, बेंगलुरु पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस खबर को भी पढ़ें : प्रोफेसर ने आईने पर लिखा ‘सॉरी मोटो’, फिर फांसी लगाकर खत्म की जिंदगी



